दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने इनकम टैक्स से जुड़े कई अहम और दूरगामी बदलावों की घोषणा की, जिनका सीधा लाभ आम करदाताओं को मिलेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट इसी वर्ष 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा, जिससे टैक्स सिस्टम को और अधिक सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर रिटर्न (ITR) के फॉर्म लगातार सरल किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के खुद ही रिटर्न दाखिल कर सकें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब आयकर रिटर्न को संशोधित करने की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी जाएगी। इससे करदाताओं को अपनी गलतियों को सुधारने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

नए इनकम टैक्स कानून की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें छोटी तकनीकी खामियों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा कि तकनीकी चूक पर अब आपराधिक दंड नहीं, बल्कि केवल जुर्माना लगाया जाएगा। छोटे टैक्स अपराधों में जेल या कठोर कार्रवाई की जगह आर्थिक दंड का प्रावधान होगा। इसके अलावा अकाउंट ऑडिट पूरा न हो पाने या फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन रिपोर्ट दाखिल न करने पर लगने वाली पेनाल्टी को भी फीस में बदलने का प्रस्ताव रखा गया है।
विदेश यात्रा करने वालों को भी बजट में राहत दी गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाली टीसीएस (Tax Collected at Source) की दर घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों पर टैक्स का बोझ कम होगा।
रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को लेकर भी अहम संकेत दिए गए हैं। ITR-1 और ITR-2 के तहत आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी जाएगी। वहीं, नॉन-ऑडिट ट्रस्ट के लिए रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 अगस्त करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि करदाता समय पर और बिना तनाव के टैक्स अनुपालन कर सकें।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि सरकार को 26.7 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में प्राप्त हुए हैं, जबकि 34 लाख करोड़ रुपये अन्य स्रोतों से जुटाए गए। कुल सरकारी खर्च 49.6 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें पूंजीगत व्यय 11 लाख करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने कहा कि लोन और जीडीपी के बीच का अंतर लगातार कम हुआ है, जो मजबूत आर्थिक प्रबंधन का संकेत है। 2026-27 में लोन डेफिसिट 36.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसे पूरा करने के लिए सरकार बाजार से कर्ज लेगी।
अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स नियम करदाताओं के लिए आईटीआर फाइलिंग को और अधिक आसान बनाएंगे। सरकार का उद्देश्य डर का माहौल खत्म कर भरोसे पर आधारित टैक्स प्रणाली विकसित करना है। कुल मिलाकर, नया इनकम टैक्स एक्ट आम जनता को राहत देने और टैक्स प्रशासन को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
