दिल्ली। जनवरी 2026 में GST कलेक्शन 6.2% बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया है। 1 फरवरी को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 1.82 लाख करोड़ रुपए था। सितंबर में घटाई गईं टैक्स दरों के बाद कलेक्शन तीन महीने से लगातार बढ़ रहा है।

घरेलू मांग में मजबूती और इम्पोर्ट एक्टिविटी में तेजी की वजह से टैक्स कलेक्शन में यह बढ़त देखने को मिली है। हालांकि, सेस कलेक्शन और रिफंड के मोर्चे पर थोड़ी सुस्ती रही है। वहीं, इम्पोर्ट से कुल ₹?52,253 करोड़ रुपए का टैक्स मिला, जो पिछले साल से 10.1% ज्यादा है।
👉अप्रैल से जनवरी तक कुल कलेक्शन 18.43 लाख करोड़ GST कलेक्शन
वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती 10 महीनों (अप्रैल से जनवरी) का कुल ग्रॉस GST कलेक्शन अब 18.43 लाख करोड़ रुपएपर पहुंच गया है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इसमें 8.3% की बढ़त दर्ज की गई है। टैक्स नियमों के बेहतर पालन (कंप्लायंस) और देश में बढ़ती खपत की वजह से यह आंकड़ा लगातार मजबूत बना हुआ है।
👉हरियाणा में 27% की बढ़त, छत्तीसगढ़ में 23% गिरावट
टैक्स कलेक्शन के मामले में अलग-अलग राज्यों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। मैन्युफैक्चरिंग हब माने जाने वाले राज्यों में अच्छी बढ़त दिखी। हरियाणा के GST कलेक्शन में सबसे ज्यादा 27% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कुछ राज्यों के कलेक्शन में बड़ी गिरावट भी आई है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा 23% की कमी देखी गई।
👉केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ और पुडुचेरी अव्वल
केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में भी उतार-चढ़ाव बना रहा। चंडीगढ़ में GST कलेक्शन 15% और पुडुचेरी में 11% बढ़ा। इसके विपरीत, लक्षद्वीप और लद्दाख जैसे छोटे क्षेत्रों के कलेक्शन में 30% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, देश के बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश (2%), दिल्ली (3%) और पश्चिम बंगाल (1%) में ग्रोथ काफी धीमी रही।
