0 दूरी तय कर आने में लगता है वक्त, ओव्हरब्रिज और पहले एसएस प्लाज़ा की घटना ने बढ़ाई जरूरत
कोरबा। गर्मी का मौसम शुरू होते ही आग लगने की दुर्घटनाओं के मामले सामने आने लगे हैं। आज ही जहां एक ओर जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर के पिछले हिस्से में आग लग जाने से कंडम पड़े 6 वाहन जलकर खाक हो गए तो वहीं दोपहर लगभग 3 बजे पुराना कोरबा शहर से होकर गुजरे ओव्हरब्रिज पर अग्रसेन चौक के ठीक ऊपर एक चलती बोलेरो आग की चपेट में आ गई। शहर के भीतर पुराना कोरबा क्षेत्र में घटित हुई घटनाओं और इन अग्नि हादसों पर काबू पाने के लिए पहुंचने वाले दमकल वाहनों के आने में देरी ने एक बार फिर लोगों के बीच यह चर्चा छेड़ दी है कि क्यों ना शहर के भीतर कम से कम एक दमकल वाहन आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए तैयार रखी जाए।
जो इस तरह यह वाहन किसी भी अग्नि दुर्घटना के मामले में घटनास्थल तक दूसरे दमकल वाहनों के आने तक तात्कालिक स्थिति को संभाल कर रखने का काम कर सकेगी।

आज दोपहर 3 बजे के लगभग जब ओवरब्रिज के ऊपर चलती बोलेरो के अगले हिस्से में आग लगी तो चालक ने वाहन से निकल कर खुद को सुरक्षित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के बताए अनुसार चालक पास ही खड़े होकर आग लगने का वीडियो बनाकर अपने मालिक को शेयर करता नजर आया। ओवरब्रिज के ऊपर और नीचे मौजूद लोग इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे लेकिन निकट में ही स्थित थाना कोतवाली तक पहुंचकर किसी ने भी इसकी सूचना देना मुनासिब नहीं समझा। सत्यसंवाद ने घटनास्थल से तत्काल जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी और कोतवाली टीआई मोतीलाल पटेल को फोन से अवगत कराया। सूचना मिलते ही कोतवाली टीआई 5 मिनट के भीतर ओवरब्रिज पर पहुंचे, तब तक दोनों तरफ से आवागमन रोका जा चुका था। घटना स्थल पर करीब आधा घण्टे बाद दमकल वाहन पहुंची, तब तक वाहन खाक हो चुका था और आग बुझने के कगार पर पहुंच चुकी थी।
दमकल कर्मियों ने अंतिम चरण में वाहन में मौजूद थोड़ी बहुत आग को बुझाकर अपना कर्तव्य निभाया। इस दौरान शहर के आसमान पर काला और सफेद धुंआ दूर-दूर तक नजर आता रहा।
पूरे घटना के दौरान यहां मौजूद प्रबुद्धजनों ने इस बात पर जोर दिया कि शहर के भीतर एक दमकल वाहन अगर मौजूद रहती तो दुर्घटना के मुश्किल 5 से 7 मिनट में वह मौके पर पहुंचकर आग को प्रारंभिक चरण पर ही नियंत्रण में ले लेती। आग का स्वरूप भयावह होने से बच जाता तथा वाहन भी पूरी तरह खाक नहीं होता। इस तरह की राहत दूसरी अग्नि दुर्घटनाओं के मामले में भी मिल सकती है बशर्ते शहर के भीतर एक दमकल वाहन पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहे।
यहां उपस्थित भाजपा नेता भागेन्द्र सोनी ने इस बात पर जोर दिया कि नगर निगम व जिला प्रशासन को चाहिए कि वह शहर में एक दमकल की व्यवस्था जरूर रखे। अभी नगर निगम या सीएसईबी की दमकल वाहन लगभग 2 किलोमीटर की दूरी जगह-जगह व्यस्त मार्गों के बीच से तय करके पहुंचती है, जिसमें लगने वाला समय पूरी तरह से बचत होगा। व्यवसायी मोहम्मद अब्दुल ने भी इसी बात को दोहराया और कहा कि ऐसी व्यवस्था करने के लिए जिला प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। अग्नि दुर्घटना के मामलों में दमकल वाहन आने तक बड़ा नुकसान हो चुका रहता है और समय पर नियंत्रण नहीं होने से आसपास के दूसरे लोगों में भी खतरा बना रहता है। व्यवसायी शिव अग्रवाल ने बताया कि उनके घर के सामने ही हादसा हुआ और जब तक यह आग बुझी नहीं थी, तब तक परिजन दहशत में थे। आग की लपटों में घिरी बोलेरो जे टायर धमाके के साथ फूटकर दहशत बढ़ाते रहे। पेट्रोल पंप के संचालक ने कुछ देर के लिए पंप बन्द कर दिया था।
👉 पूर्व् की घटनाओं में भी आने में देरी
इससे पहले शहर के भीतर ही पावर हाउस रोड में SS प्लाजा शॉपिंग कांप्लेक्स में 26 दिसंबर 2025 की सुबह 6 बजे कथित शॉर्ट सर्किट से आग लगने की भीषण दुर्घटना हुई थी। बालाजी स्टील एवं इलेक्ट्रॉनिक की संचालिका ने सीधे तौर पर आरोप लगाया था कि सूचना देने के बाद भी आधे घंटे विलम्ब से दमकल वाहन पहुंची थी जिस कारण आग पर काबू पाने में देर हुई। पूर्व में भी अग्नि दुर्घटनाओं का शिकार पुराना शहर और पावर हाउस रोड के कुछ प्रतिष्ठान हो चुके हैं। इन मामलों में भी कहीं ना कहीं दमकल वाहनों को पहुंचने में समय लगा था।
सोर्स – सत्यसंवाद डॉट कॉम
