CG : मिडिल ईस्ट तनाव से गैस की संकट ! होटल ,रेस्टोरेंट ,स्थानीय उद्योगों में मंडराया संकट ,प्रशासन की अपील हालात काबू पैनिक न हों, कालाबाजारी पर होगी त्वरित कार्रवाई ..

रायपुर । इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के हालातों ने छत्तीसगढ़ की रसोई और कारोबार पर असर डालना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण राज्य में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से सीमित कर दिया गया है। इसका सबसे बड़ा झटका होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय उद्योगों को लगा है, जहां गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। घरेलू सिलेंडर की बुकिंग पहले की तरह सामान्य रूप से होती रहेगी। हालांकि, होटल और बाहर खाना महंगा हो सकता है। कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग ने एक विशेष टोल-फ्री नंबर जारी किया है, जिस पर नागरिक सीधे शिकायत कर सकते हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें वाहनों की जांच कर रही हैं ताकि घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग न हो सके।

👉होटलों में संकट, अस्पतालों को राहत

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कमर्शियल सप्लाई पर रोक के बावजूद अस्पतालों, स्कूलों और हॉस्टलों को मिलने वाली गैस की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी। प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर इन आवश्यक सेवाओं को सप्लाई लाइन में सबसे ऊपर रखा है। वहीं, राजधानी के तेलीबांधा, जयस्तंभ चौक और एमजी रोड स्थित बड़े होटलों में स्टॉक खत्म होने की कगार पर है, जिससे खान-पान की कीमतों में बढ़ोतरी का अंदेशा बढ़ गया है।

👉घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक
कालाबाजारी पर सख्त नजर

राहत की बात यह है कि आम जनता के लिए उपयोग होने वाली घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। अफसरों ने दावा किया है कि पाइपलाइन और बॉटलिंग प्लांट्स में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अगले कई हफ्तों का बैकअप मौजूद है। कमर्शियल गैस की कमी का फायदा उठाकर घरेलू सिलेंडरों के अवैध उपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने छापेमारी शुरू कर दी है।

👉कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई

“युद्ध की स्थितियों के चलते कमर्शियल स्टॉक पर अस्थायी दबाव है। हमने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू गैस की एक भी बूंद की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। अगर कोई एजेंसी या बिचौलिया अधिक कीमत वसूलता है, तो नागरिक तुरंत टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करें।”

— जिला आपूर्ति अधिकारी, छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग