बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रशासन और शिक्षा विभाग की व्यवस्था ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के गंगालूर क्षेत्र स्थित पोटा केबिन छात्रावास में रहने वाली 3 छात्राएं गर्भवती पाई गई हैं। बताया जा रहा है कि इन छात्राओं का गर्भ लगभग 5 महीने का है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 2 छात्राएं नाबालिग बताई जा रही हैं। घटना के बाद जहां प्रशासनिक महकमे में हड़कम्प मचा है वहीं सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने विधानसभा सत्र के बीच इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए स्थगन प्रस्ताव लाया, जिसके खारिज होने पर वॉकआउट कर दिया है।
मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अभिभावकों ने भी छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
👉स्वास्थ्य विभाग ने बनाया प्रेगनेंसी कार्ड

मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन छात्राओं के लिए गर्भवती महिला का कार्ड भी बनाया गया है। इससे संकेत मिलता है कि स्वास्थ्य विभाग को पहले से इस मामले की जानकारी थी और छात्राओं के स्वास्थ्य से जुड़ी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी।
हालांकि जब यह मामला सामने आया तो छात्रावास की अधीक्षिका ने दावा किया कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी नहीं थी। अधीक्षिका के इस बयान के बाद मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है और कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।
👉 निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
गंगालूर स्थित पोटा केबिन छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की होती है। ऐसे में छात्रावास में 3 छात्राओं के गर्भवती होने की घटना ने निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।इसके पूर्व भी बीजापुर जिला इसी तरह की घटनाओं से शर्मसार हो चुका है।
