रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (NRLM) के नाम पर हुए एक बड़े घोटाले ने सियासी गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमों तक हड़कंप मचा दिया है। पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की करीब 40,000 आदिवासी महिलाओं से ‘फ्लोरामैक्स कंपनी’ के जरिए अरबों रुपये की ठगी की गई है।
👉 आजीविका के नाम पर ‘अरबों’ का खेल
मामले का खुलासा करते हुए ननकीराम कंवर ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर उनके मेहनत की कमाई को निवेश के नाम पर लूट लिया गया। उन्होंने इसे महज एक आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण योजना को बदनाम और असफल करने की एक बड़ी साजिश करार दिया है।
👉 कलेक्टर पर गुमराह करने का आरोप, आयोग हुआ आयोग हुआ सख्त
शिकायत के अनुसार, कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को गलत जानकारी देकर मामले को दबाने की कोशिश की। आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए 16 अक्टूबर 2025 को राज्य शासन को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन प्रशासन की 30 दिनों की चुप्पी ने आयोग को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
👉मुख्य सचिव (CS) को किया दिल्ली तलब

प्रशासनिक ढिलाई को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव (Chief Secretary) को व्यक्तिगत रूप से 17 मार्च को नई दिल्ली मुख्यालय में पेश होने का नोटिस जारी किया है। आयोग अब खुद इस बात का जवाब चाहेगा कि कार्रवाई में देरी क्यों हुई और दोषियों को किसका संरक्षण प्राप्त है?
👉CBI जांच की मांग

पूर्व मंत्री Nanki Ram Kanwar ने इस पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस घोटाले के तार अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।उन्होंने यह भी मांग की है किघोटाले में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होआदिवासी महिलाओं को उनकी जमा राशि वापस दिलाई जाए।
👉पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए
कंवर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह आदिवासियों के हक पर सीधा डाका है और जब तक दोषियों को जेल नहीं भेजा जाता, उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
फिलहाल मामला दिल्ली तक पहुंच चुका है और अब सबकी नजर इस पर है कि जांच में कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं। अगर आरोप साबित हुए तो यह छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े ग्रामीण वित्तीय घोटालों में से एक साबित हो सकता है।
