रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार की कार्रवाई के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR ) अभियान के दौरान मतदाता सूची से 19 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए। पार्टी ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। सभापति ने उनकी मांग खारिज कर दी, तब कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉक आउट किया।
👉19 लाख से अधिक लोगों के कटे नाम

शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि मतदाता सूची से 19.13 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। महंत ने कहा, ”जिनके नाम काटे गए हैं, वे छत्तीसगढ़ के ही लोग हैं। वे राज्य के ही निवासी हैं, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है कि वे कहां हैं।”
👉बीजेपी विधायक ने कहा- राज्य का मुद्दा नहीं
चरणदास महंत को टोकते हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह मुद्दा राज्य विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है और इसे सदन के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, चरण दास महंत ने अपनी चिंता दोहराते हुए कथित तौर पर इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के अचानक गायब होने पर सवाल उठाया।
👉कहां गए 19 लाख लोग

उन्होंने स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए कहा, ”क्या 19 लाख लोग गायब हो गए हैं? क्या उनकी मौत हो गई है? या वे राज्य छोड़कर चले गए हैं? जब इतने सारे लोग लापता हैं, तो क्या यह कोई मुद्दा नहीं है? न तो पुलिस और न ही सरकार इस बारे में चिंतित नजर आती है।” इसके बाद चंद्राकर ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं होती, क्योंकि यह प्रक्रिया एक एक संवैधानिक संस्था कराती है।
👉बीजेपी विधायक का आरोप- विपक्ष के पास मुद्दे नहीं
उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था के कामकाज पर विधायिका में चर्चा नहीं की जा सकती है। भाजपा विधायक धरमजीत सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल के पास उठाने के लिए ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वह इस मुद्दे को उठा रही है। पीठासीन सभापति ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि यह मामला भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित है। इस फैसले से असंतुष्ट होकर कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
