देश में LPG गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम , अब 14.2 किलो सिलेंडर में मिल सकती है सिर्फ 10 किलो गैस ! रेट भी होगा कम,पहचान के लिए लगेगा स्टीकर ,जानें फैसले की वजह …

दिल्ली। देश में घरेलू रसोई गैस को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर में अब करीब 10 किलोग्राम गैस भरकर सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है। यह कदम गैस की सीमित उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते उठाया जा सकता है।

👉सप्लाई पर संकट, स्टॉक में कमी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से बाधित सप्लाई के कारण भारत में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। देश अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। हाल ही में सिर्फ दो जहाज करीब 92,700 टन गैस लेकर पहुंच पाए, जो देश की एक दिन की खपत के बराबर है।

👉क्यों लिया जा रहा यह फैसला?

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इस कदम के जरिए सीमित गैस को ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की रणनीति बना रही हैं। मौजूदा हालात में इसे एक अस्थायी लेकिन जरूरी उपाय माना जा रहा है।

👉सिलेंडरों पर लगेंगे नए स्टिकर

यदि यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडरों पर नए स्टिकर लगाए जाएंगे, जिनमें गैस की कम मात्रा की जानकारी साफ तौर पर दी जाएगी। साथ ही, उपभोक्ताओं को कीमत में भी उसी अनुपात में राहत मिलने की संभावना है।

👉तकनीकी और मंजूरी की प्रक्रिया बाकी

इस बदलाव को लागू करने के लिए बॉटलिंग प्लांट्स में तकनीकी संशोधन और सरकारी मंजूरी जरूरी होगी।

👉सरकार ने क्या कहा?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार फिलहाल उपभोक्ताओं को नियमित सप्लाई दी जा रही है, लेकिन गैस के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। देश में रोजाना करीब 93,500 टन एलपीजी की खपत होती है, जिसमें से लगभग 86% घरेलू उपयोग में होती है।

👉क्या पड़ेगा असर?

अगर यह फैसला लागू होता है, तो आम लोगों को कम गैस में काम चलाना पड़ेगा, हालांकि कीमत में राहत से कुछ हद तक संतुलन बनाया जा सकता है।