4000 वाली साइकिल 7000 में खरीदी गई, आप ने लगाया रेखा गुप्ता सरकार पर 90 करोड़ के घोटाले का आरोप,देखें वीडियो …

नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार पर गरीब छात्राओं को मुफ्त साइकिल वितरण योजना में 90 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि सरकार ने 1.30 लाख साइकिलों की खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है और 4000 रुपये की साइकिल 7000 रुपये में खरीदी जा रही है।

सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “दिल्ली सरकार ने गरीब लड़कियों को मुफ्त की साइकिल बांटने के लिए 90 करोड़ का घोटाला किया है। टेंडर के अंदर गड़बड़ी की गई। इन्होंने तय किया कि अपने चुनिंदा वेंडर को ये ठेका मिल जाए। जिस दिन हमने प्रेस वार्ता की, सरकार की तरफ से कहा गया कि हमारा मॉडल शानदार था। इसलिए हमने 7000 रुपये की एक साइकिल खरीदी है।”

👉’मॉडल में ही झोल है, इसलिए सरकार जानकारी नहीं दे रही’

AAP नेता ने कहा, “हम लगातार पूछ रहे थे कि मैडम मॉडल तो बता दो, लेकिन सरकार मॉडल बताने को तैयार नहीं है। क्योंकि मॉडल में ही झोल है। इसलिए सरकार मॉडल नहीं बता रही है। सरकार ने वर्क ऑर्डर में हीरो स्काइलर 26T मॉडल लिखा हुआ है। जब हमने फोन करके होल सेलर से पता किया, तो उन्होंने बताया कि यह साइकिल बनना बंद हो गई है।”

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्काइलर मॉडल में सात गियर, डिस्क ब्रेक और फ्रंट सस्पेंशन जैसे फीचर होते हैं, इसलिए उसकी कीमत करीब 7000 रुपये है।

👉स्काइलर नहीं, बॉनफायर साइकिल पर लगाया गया स्टिकर’

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया, “130000 साइकिल खरीदने पर 6957 रुपये प्रति साइकिल दी जा रही है। मगर रेखा सरकार का फ्रॉड यह है कि जो साइकिल बांटी जा रही है, वह स्काइलर नहीं है। इसमें न तो गेयर है। न सस्पेंशन, न डिस्क ब्रेक हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब पता किया तो पता चला कि जो मॉडल असल में बॉनफायर कहलाता है, उसके ऊपर स्काइलर का स्टीकर लगाकर बच्चों को बांटी जा रही है। इस बॉनफायर साइकिल की कीमत 4000 या उससे भी कम की मिलेगी। उसका रिटेल प्राइस 5000 रुपये है। थोक में उससे भी कम पड़ती है।”

👉4000 वाली साइकिल 7000 में चिपकाई गई’

रेखा सरकार पर निशाना साधते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, “4000 रुपये का माल इस सरकार को 7000 में चिपका रहे हैं, तो 3000 रुपये एक साइकिल पर कमीनश खाया जा रहा है। 4000 वाली साइकिल 7000 में चिपकाई जा रही है। लगभग 66 पर्सेंट का कमीशन इस साइकिल पर खाया जा रहा है। यही कारण है कि आशीष सूद जी से पूछते हैं कि मॉडल कौन सा है, लेकिन वो मॉडल नहीं बताएंगे।”