रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है। अमित कटारिया (स्वास्थ्य सचिव) के नाम का सहारा लेकर एक शख्स खुद को उनका करीबी बताकर अस्पताल संचालकों से पैसों की मांग कर रहा है।
मामला बढ़ने पर सचिव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की पहल की है। जानकारी के अनुसार आरोपी खुद को ‘अजय अग्रवाल’ बताकर अस्पताल संचालकों को फोन करता था और कहता था कि उनके अस्पताल के खिलाफ मंत्रालय में शिकायत आई है। इसके बाद वह कार्रवाई से बचाने या शिकायत दबाने के नाम पर मोटी रकम की मांग करता था।
👉ठगी का तरीका
आरोपी केवल फोन तक सीमित नहीं था, बल्कि वह अस्पताल संचालकों को मंत्रालय तक बुलाता था। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों को गेट पर ही रोक दिया जाता और कहा जाता कि, साहब मीटिंग में हैं। इस तरह वह मंत्रालय में अपनी पहुंच का झूठा प्रभाव बनाकर भरोसा जीतता था।
👉कई बड़े अस्पताल बने निशाना
इस ठगी के जाल में प्रदेश के कई नामी अस्पतालों को निशाना बनाया गया, जिनमें भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर के अस्पताल शामिल हैं। संचालकों ने अलग-अलग समय पर ऐसे कॉल और दबाव की जानकारी दी है।
👉जांच में हुआ खुलासा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्वास्थ्य विभाग या सचिवालय में अजय अग्रवाल नाम का कोई व्यक्ति पदस्थ नहीं है। यानी आरोपी पूरी तरह फर्जी पहचान के जरिए ठगी को अंजाम दे रहा था।
👉 पुलिस में शिकायत

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने संजीव शुक्ला (पुलिस कमिश्नर) को पत्र लिखकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इसे विभाग की छवि खराब करने की साजिश बताया है।
👉विभाग ने जारी किया अलर्ट

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों (Fraud Alert) और संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने और किसी भी प्रकार की लेन-देन से बचने की सलाह दी गई है। सरकारी अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर ठगी करने का यह मामला सिस्टम के लिए बड़ी चेतावनी है। अस्पताल संचालकों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि ऐसे फर्जीवाड़े से बचा जा सके।
