👉 E-KYC का खेल उजागर , ग्राहकों के अंगूठे से बन रहे थे फर्जी सिम
रायपुर। रायपुर में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत फर्जी सिम कार्ड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस की रेंज साइबर थाना टीम ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
👉300 से ज्यादा फर्जी SIM का खुलासा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से 300 से अधिक फर्जी सिम कार्ड से जुड़ी जानकारी मिली है। कई प्री-एक्टिवेटेड सिम भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल बड़े स्तर पर साइबर अपराधों में किया जा रहा था।
👉ऐसे चल रहा था साइबर फ्रॉड का खेल

जांच में सामने आया है कि आरोपी POS एजेंट और मोबाइल दुकान संचालक बनकर ग्राहकों के E-KYC डेटा का दुरुपयोग करते थे। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल, म्यूल बैंक अकाउंट, Telegram रिव्यू टास्क, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, फेक सोशल मीडिया स्कीम, शेयर ट्रेडिंग ठगी सस्ते सामान के झांसे जैसे साइबर अपराधों में किया जा रहा था।
👉26.70 लाख की ठगी का कनेक्शन
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि माना थाना और आजाद चौक क्षेत्रों में दर्ज मामलों में करीब 26.70 लाख रुपये की ठगी हुई थी। इसमें IndusInd Bank और South Indian Bank के म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया।
👉ऐसे करते थे सिम एक्टिवेट
आरोपी ग्राहकों के आधार और बायोमेट्रिक (थंब स्कैन/आई ब्लिंक) का गलत इस्तेमाल कर अतिरिक्त सिम एक्टिवेट करते थे। कई मामलों में बिना जानकारी के ही लोगों के नाम पर सिम जारी कर दिए जाते थे, जिन्हें बाद में ऊंचे दामों में साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
👉कौन-कौन गिरफ्तार?
गिरफ्तार आरोपियों में सुदीप्त सासमल (पश्चिम बंगाल), शिवनारायण साहू (बलौदा बाजार), जयंत लहरी (दुर्ग), मनीष आहूजा (रायपुर), सुधीर जैन (रायपुर), कैलाश प्रताप सिंह (दुर्ग), विनोद वर्मा (रायपुर) शामिल हैं। सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
