KORBA : अधूरा कानून महिलाओं के साथ छल ,पार्टी महिला आरक्षण के विरोध में नहीं है, बल्कि इसके “अधूरे और भ्रामक स्वरूप” के खिलाफ -जयसिंह अग्रवाल,पूर्व राजस्व मंत्री का महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला,PC में कह दी यह बड़ी बात ….

कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के विरोध में नहीं है, बल्कि इसके “अधूरे और भ्रामक स्वरूप” के खिलाफ है।

अग्रवाल ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं के साथ छल किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह विधेयक समग्र और संतुलित नहीं है, बल्कि राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखकर जल्दबाजी में लाया गया प्रतीत होता है।

उन्होंने सबसे बड़ी आपत्ति यह जताई कि बिल में OBC और वंचित वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान नहीं है। इससे पिछड़े वर्ग की महिलाओं को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।
पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि इस कानून को जनगणना और परिसीमन से जोड़ देना इसकी सबसे बड़ी खामी है। इससे इसके लागू होने में कई वर्षों की देरी हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा साफ है तो इसे तत्काल लागू करने की स्पष्ट समयसीमा क्यों नहीं तय की गई।

श्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर यह कदम वास्तव में राजनीतिक छवि सुधारने और वोट बैंक साधने की रणनीति ज्यादा लगता है।

👉संभावित प्रभाव पर चिंता

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक वर्तमान स्वरूप में लागू होता है तो समाज में असंतुलन बढ़ सकता है और वंचित वर्ग की महिलाएं प्रतिनिधित्व से बाहर रह सकती हैं।

👉कांग्रेस का रुख स्पष्ट

अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिद्धांत रूप में महिला आरक्षण का समर्थन करती है और इसे मजबूत लोकतंत्र के लिए आवश्यक मानती है। लेकिन उन्होंने मांग रखी कि—
OBC एवं वंचित वर्ग की महिलाओं के लिए अलग प्रावधान जोड़ा जाए
कानून को तत्काल लागू करने की स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।

👉 उठाया बड़ा सवाल

उन्होंने कहा, “2023 में पारित कानून को 2024 से लागू करने के संकेत यह दर्शाते हैं कि सरकार की प्राथमिकता तत्काल क्रियान्वयन नहीं है। इसे परिसीमन से जोड़कर अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है।”

👉महिला आरक्षण ऐसा हो जो न्यायपूर्ण, समावेशी हो

अंत में जयसिंह अग्रवाल ने कहा,
“हमारी मांग साफ है—महिला आरक्षण ऐसा हो जो न्यायपूर्ण, समावेशी और तुरंत लागू होने वाला हो। अधूरा कानून लाकर सिर्फ राजनीति करना देश और महिलाओं—दोनों के साथ अन्याय है।”