दिल्ली/कोरबा। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए कोरबा के पुलिस अधीक्षक (SP) को तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 24 अप्रैल 2026 को सुबह 10:30 बजे एसपी स्वयं कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब दें कि कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।
मामला SLP (क्रिमिनल) नंबर 11218/2025 से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने पहले ही राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि “रेस्पॉन्डेंट नंबर-2” को तय तारीख पर पेश किया जाए। लेकिन 20 अप्रैल को सुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ।
👉कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार के इस रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश का “स्पष्ट और जानबूझकर उल्लंघन” है।
👉एसपी को कारण बताओ नोटिस

कोर्ट ने कोरबा के एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि अगली सुनवाई में संबंधित व्यक्ति (रेस्पॉन्डेंट नंबर-2) को भी अनिवार्य रूप से कोर्ट में पेश किया जाए।
👉खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी
कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि संबंधित व्यक्ति को कोर्ट में पेश करने से जुड़े सभी खर्च राज्य सरकार को ही उठाने होंगे।
👉अगली सुनवाई 24 अप्रैल को
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल 2026 को होगी, जहां एसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि कोर्ट सरकारी आदेशों की अवहेलना को लेकर बेहद गंभीर है और जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई के मूड में है।
