CG : नक्सलियों के नापाक मंसूबों पर नहीं लग सका पूर्णविराम ! एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान IED ब्लास्ट से घायल हुए DRG के 3 जवान !

पखांजूर/कांकेर । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र पखांजूर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट हो गया। इस धमाके में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान घायल हो गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और सुरक्षा बलों ने सर्चिंग ऑपरेशन और तेज कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा से लगे क्षेत्र में हुई, जो नक्सल गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों की टीम नियमित सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट किया गया आईईडी अचानक ब्लास्ट हो गया, जिसकी चपेट में तीन जवान आ गए।

घायल जवानों को तत्काल मौके से निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। फिलहाल तीनों जवानों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

यह पूरी घटना छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है। घटना की पुष्टि करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश कुर्रे ने बताया कि एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान सर्चिंग के समय आईईडी ब्लास्ट हुआ है, जिसमें तीन DRG जवान घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है।

घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया है, ताकि आसपास छिपे नक्सलियों का पता लगाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, इस क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियां पहले से ही सक्रिय रही हैं और वे अक्सर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल करते हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और उससे लगे इलाकों में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बल समय-समय पर सर्चिंग ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करने में जुटे रहते हैं। हालांकि, नक्सली भी लगातार घात लगाकर हमले करने की कोशिश करते रहते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

👉नक्सलियों की सुरंगों की तलाश जारी

बता दें कि हाल ही में सरकार ने इलाके को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया था। वहीं छत्तीसगढ़ में 31 मार्च को नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा के बाद यह पहली बार हुआ है, जब बारूदी सुरंग विस्फोट में जवान घायल हुए हैं। राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, खासकर बस्तर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने पूर्व में बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, जो अब भी वहां तैनात सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में लगातार बारूदी सुरंगों की तलाश और उन्हें निष्क्रिय करने की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।