KORBA : छात्रावास अधीक्षक से विशेष कृपा पर बनाए गए थे प्रभारी संपदा अधिकारी, निगम के ‘पिच ‘पर 3 माह भी नहीं टिक पाए ‘ सचिन’ ,अब PA टू मेयर के पद पर मिला प्रमोशन

कोरबा । कोरबा नगर निगम की पिच पर उतरे “स्पेशल एंट्री” वाले खिलाड़ी आखिरकार ढाई महीने में ही पवेलियन लौट गए। जी हां, बात हो रही है सचिन तिवारी की, जिन्हें छात्रावास अधीक्षक की कुर्सी से सीधे “प्रभारी संपदा अधिकारी” बनाकर ऐसा प्रमोशन दिया गया था, जिसे देखकर पुराने अफसर भी गूगल करने लगे थे…“ये नियम में है क्या ?”

आपको बता दे 18 फरवरी 2026 में राज्य शासन के आदेश से कोरबा निगम में एंट्री मारने वाले सचिन तिवारी की शुरुआत किसी VIP डेब्यू से कम नहीं थी। राज्य शासन के आदेश में छात्रावासी अधीक्षक रहे सचिन तिवारी को सीधे नगर निगम कोरबा के प्रभारी संपदा अधिकारी की जवाबदारी सौंपी गयी थी। लेकिन मैदान में उतरते ही “फाइलों का टेस्ट मैच” इतना लंबा खिंच गया कि 3-4 दिन में निपटने वाले काम 15 दिन की सीरीज खेलने लगे।

सूत्रों की माने तो साहब हर फाइल की एंट्री अपनी डायरी में करने लगे, जैसे निगम नहीं, कोई व्यक्तिगत शोध प्रोजेक्ट चल रहा हो। निगम के खबरीलाल बताते हैं कि ऑफिस में उनकी मौजूदगी भी “कभी-कभार” वाली गेस्ट अपीयरेंस बन गई थी। काम की रफ्तार ऐसी कि घड़ी भी पूछे….“भाई, मैं रुक जाऊं क्या ?” नतीजा ये हुआ कि शिकायतों की गेंद सीधे ऊपर तक पहुंच गई और फिर सरकार ने भी बिना देरी किये फैसला सुना दिया।

अब नए आदेश में सचिन तिवारी को प्रभारी संपदा अधिकारी के पद से कार्यमुक्त कर “पीए टू मेयर” बना दिया गया है। यानी पहले जहां वे एक विभाग की फाइलों में उलझे थे, अब पूरे निगम के “कनेक्शन” संभालेंगे। राज्य शासन से जारी इस आदेश की जानकारी लेने पर निगम के एक अधिकारी ने चुटकी लेते हुए कहा….“पहले संपदा देखते थे, अब PA टू मेयर होंगे, लिहाजा सब कुछ देखेंगे…बस फर्क इतना है कि अब फाइलें उनकी नहीं, मेयर की होंगी!”

राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग पूछ रहे हैं…ये प्रमोशन था, प्रयोग था या फिर कोई नया ‘प्रशासनिक स्टार्टअप’? फिलहाल, कोरबा निगम की पिच पर ये मैच खत्म हो चुका है, लेकिन दर्शक अब भी अगली इनिंग्स का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि यहां कब कौन सा खिलाड़ी किस पोजीशन पर भेज दिया जाए, ये खुद कप्तान भी नहीं बता सकते है !

सोर्स – nwnews24.com