तमिलनाडु में TVK की सरकार गठन के लिए सस्पेंस बरकरार ,’विजय ‘को मिला कांग्रेस का साथ पर वामदलों ने किया किनारा ,जानें जादुई आंकड़ों तक पहुंचने कितनी चुनौती ….

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार शाम उस समय अप्रत्याशित मोड़ आ गया, जब टीवीके प्रमुख विजय ने राज्य में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा किया, लेकिन उन्हें तत्काल अनुमति नहीं मिल सकी।

सूत्रों के अनुसार, विजय के पास फिलहाल 113 विधायकों का समर्थन है, जबकि सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या 118 है। ऐसे में उनके सामने बहुमत जुटाने की चुनौती बरकरार है।

👉कांग्रेस का समर्थन, लेकिन वामदलों ने किया किनारा

बता दें कि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने का आश्वासन दिया है, इसके बावजूद उनके पास बहुमत के लिए आवश्यक संख्या पूरी नहीं हो पाई है। उन्हें अभी भी कम से कम 5 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

इस बीच वामपंथी दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने स्पष्ट कर दिया है कि वे विजय का समर्थन नहीं करेंगे। दोनों दलों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे द्रविड़ मुनेत्र कड़गम गठबंधन में ही बने रहेंगे।

👉राज्यपाल ने मांगा बहुमत का समर्थन पत्र

सूत्रों के मुताबिक, विजय ने राज्यपाल के समक्ष मौखिक रूप से 118 विधायकों के समर्थन का दावा किया, लेकिन वे इसका लिखित प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी कारण राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

राज्यपाल ने टीवीके नेताओं से कहा है कि वे पहले आवश्यक समर्थन पत्र प्रस्तुत करें, उसके बाद ही शपथ ग्रहण पर विचार किया जाएगा। इस स्थिति में विजय के गुरुवार (7 मई) को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना कम हो गई है।
तमिलनाडु की राजनीति में जारी इस अनिश्चितता के बीच सभी दलों की नजर अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई है। बता दें कि इससे पहले आज होने वाली AIDMK विधायक दल की बैठक टल गई , जिसमें पार्टी के विधायक टीवीके को समर्थन देने पर मंथन करने वाले थे। अब विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।