CG : कब थमेगा हाथियों की मौत का सिलसिला , दलदल में फंसने से 5 माह के शावक की मौत ,सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल ….

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगलों में हाथियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज अंतर्गत तरकेला गांव के पास केराझरिया जंगल में दलदल में फंसने के कारण एक पांच माह के हाथी शावक की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सोमवार सुबह वन विभाग के आला अधिकारी और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचे। महज तीन दिन के भीतर वन मंडल में दूसरे शावक की मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, छाल रेंज के कक्ष क्रमांक 511 आरएफ में बीती रात हाथियों का एक दल विचरण कर रहा था। बताया जा रहा है कि बोजिया क्षेत्र में सक्रिय 35 हाथियों के इस बड़े झुंड में यह पांच महीने का शावक भी शामिल था। जंगल में विचरण के दौरान शावक दलदल वाले हिस्से में जा फंसा और बाहर निकलने की कोशिश में गहराई तक धंसता चला गया, जिससे उसकी सांसें थम गईं। सुबह जब वन अमला गश्त पर निकला, तब शव को देखकर उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया।

वर्तमान में भी हाथियों का दल घटनास्थल के आसपास ही डटा हुआ है, जिसे देखते हुए विभाग ने सुरक्षा बढ़ा दी है। गौरतलब है कि छाल रेंज में ही हाथियों की असमय मौत का यह दूसरा मामला है। इससे ठीक तीन दिन पहले घोघरा डैम में पानी में डूबने से भी एक शावक की जान चली गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, धरमजयगढ़ वन मंडल में इस समय 124 हाथी अलग-अलग दलों में मौजूद हैं, जिनमें 35 नर और 63 मादा के साथ 26 शावक भी शामिल हैं। एक के बाद एक हो रहे इन हादसों ने वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है।

सोर्स -केलो प्रवाह