KORBA : RI पटवारी को बंधक बनाकर गलत सीमांकन का आरोप , आत्महत्या कर लेने धमकाया ….

कोरबा-करतला। नायब तहसीलदार के निर्देश/आदेश पर जमीन का सीमांकन करने पहुंचे राजस्व निरीक्षक(आरआई) और हल्का पटवारी की पिता-पुत्र व अन्य ने बंधक बना लिया। पुत्र ने साथ लाए रस्सी से खुद की जान दे देने की भी बात की। टीम पर गलत सीमांकन करने का आरोप लगाया गया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।(तस्वीर प्रतीकात्मक है)।

घटना करतला थाना क्षेत्र की है। मामले का प्रार्थी भरत चौहान पिता श्याम कुमार चौहान उम्र 41, निवासी बाल्को 465/5/ए, नोनबिर्रा हल्का का पटवारी है। राजस्व निरीक्षक नोनबिर्रा जयपालसिंह तहसील करतला में पदस्थ है। न्यायालय नायब तहसीलदार करतला जिला कोरबा ज्ञापन क्रमांक/343 ना.तह./वाचक/2025 दिनांक 24.12.2025 के परिपालन में आवेदक संतराम पिता दिलाराम निवासी ग्राम नोनबिर्रा तहसील करतला, के ग्राम नोनबिर्रा प.ह.न. 29 रा.नि.म. नोनबिर्रा में स्थित भूमि खसरा नंबर 643/1 रकबा 0.085 हे. का सीमांकन के लिये विधिवत सूचना तामिल उपरांत ग्राम नोनबिर्रा के बनियापारा में 8 मई को उपस्थित हुए। मौके पर पर आवेदित भूमि खसरा नंबर 643 के समस्त बटांकन को नापकर आवेदक संतराम को बताया गया। इस दौरान दोपहर करीब 1 बजे आवेदक एवं आवेदक का पुत्र लीलाधर पटेल एवं हुकूम चंद पिता केशव प्रसाद, हरिराम पिता दिलाराम के द्वारा सीमांकन में आपत्ति करते हुए विवाद किया गया। विवाद करते हुए आरआई-पटवारी की कार के पीछे मोटर सायकल खड़ा कर मौके से इन्हें जाने नहीं दिया गया। रस्सी लाकर बांध देने का धमकी दिया गया। फिर इसी रस्सी से आवेदक के पुत्र लीलाधर पटेल द्वारा सुसाईड कर लूंगा बोला गया। आवेदक एवं उनके परिवारों द्वारा आर आई व पटवारी को गाली गलौच कर गलत नापी कर रहे हो एवं पैसा लेकर गलत सीमांकन करने का आरोप लगाया गया। जब तक नायब तहसीलदार, कलेक्टर, टी आई नहीं आ जाता, नहीं जाने देगें कहकर लगभग दो घण्टे तक बंधक बनाया गया। उनके द्वारा सीमांकन करने जैसा महत्वपूर्ण शासकीय कार्य संपन्न नहीं होने दिया गया। जान से मारने की धमकी दिया गया और खुद फांसी लगाकर फंसा देने की धमकी दिया गया। करतला थाना में पटवारी भरत चौहान की रिपोर्ट पर आरोपियों 1. संतराम पिता दिलाराम, 2. लीलाधर पटेल पिता संतराम, 3. हरिराम पिता दिलाराम, 4. हुकूमचंद पटेल पिता केशव प्रसाद सभी निवासी नोनबिर्रा बनियापारा के विरूद्ध धारा 126(2), 221, 296, 3(5), 351(3)-BNS के तहत जुर्म दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की गई।