दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोने के बढ़ते आयात पर लगाम लगाने के बाद अब चांदी की आयात को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने चांदी के आयात पर कुछ नई पाबंदियां लागू कर दी हैं. एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, सिल्वर बार्स समेत चांदी की कई कैटेगरी के आयात को ‘फ्री’ से बदलकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है.
इस फैसले का सीधा असर ज्वेलरी बाजार और चांदी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है.
पहले चांदी की सिल्वर बार मंगाना काफी आसान था और इसे ‘फ्री’ (Free) कैटेगरी में रखा गया था. लेकिन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने इसे ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है. इसका मतलब यह है कि अब विदेशों से यह चांदी मंगाने के लिए व्यापारियों को सरकार से विशेष लाइसेंस या मंजूरी लेनी होगी.
👉किस तरह की चांदी पर पड़ेगा असर?

यह नियम 99.9% या उससे ज्यादा शुद्धता वाली सिल्वर बार (चांदी की सिल्लियों) पर लागू होगा.
सामान्य या कम शुद्धता वाली चांदी के नियमों में कोई बदलाव नहीं है.
👉सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
इस फैसले के पीछे सरकार का मुख्य मकसद देश में आने वाली चांदी पर ज्यादा निगरानी और कंट्रोल रखना है. सरकार चाहती है कि कीमती मेट्ल्स के आयात में पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह की अनियमितता को रोका जा सके.
👉सरकार ने गोल्ड पर और बढ़ाई सख्ती, आयात पर लगा दी नई लिमिट
बता दें कि सरकार ने हाल ही में सोने के आयात को लेकर नियम और सख्त कर दिए. अब एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत कोई भी कंपनी मैक्सिमम 100 किलो सोना ही आयात कर सकेगी. पहले इस स्कीम में सोने के आयात की कोई लिमिट तय नहीं थी. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब सरकार ने कुछ दिन पहले ही सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी थी. इसका मकसद गैर जरूरी आयात को कम करना और बढ़ते आयात बिल को कंट्रोल करना था.
