प्रशांत किशोर ने सरकार को दी चेतावनी ,कहा – कॉकरोच जनता पार्टी के डिजिटल कैम्पेन को हल्के में लेना पड़ेगा महंगा

नई दिल्ली। देश में सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब केवल एक ऑनलाइन ट्रेंड नहीं रह गई है, बल्कि इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। लाखों-करोड़ों युवा इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और अब इस मुद्दे पर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी खुलकर अपनी राय रखी है।

पीके ने कहा कि सरकार और व्यवस्था चला रहे लोगों को इस डिजिटल कैंपेन को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह युवाओं के भीतर बढ़ते गुस्से और निराशा का संकेत है। प्रशांत किशोर ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं ने युवाओं के भीतर असंतोष पैदा किया है, जो अब सोशल मीडिया के जरिए सामने आ रहा है। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर भी सवाल उठाए।

👉CJI की टिप्पणी पर उठाए सवाल

दरअसल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम की शुरुआत उस समय चर्चा में आई जब सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। आरोप लगा कि उन्होंने वकीलों और युवाओं के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि कई बार अदालतों में ऑफ द रिकॉर्ड बातें हो जाती हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में बैठे लोगों को शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी जन सुराज के एक मामले में अदालत की तरफ से ऐसी टिप्पणी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि चुनाव हारने के बाद कोर्ट क्यों आए हैं।