CG : प्रभाव का दुरुपयोग कर कुटरचित दस्तावेजों के जरिए मूल खातेदारों का नाम करा दिया विलोपित ,एक दशक तक KCC लोन निकाला ,धान बिक्री का पैसा बोनस हड़पा,पीड़ित ने SP से की FIR की मांग …..

सक्ती । निजी स्वामित्व की भूमि पर बाराद्वार निवासी रूपनारायण पर अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग कर कूटरचना के जरिए मूल खातेदारों का नाम विलोपित कर एक दशक से केसीसी लोन निकाल ,धान व बोनस का पैसा हड़पे जाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित मूल खातेदार ने एसपी से रुपनारायण पर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गुहार लगाई है।

पीड़ित त्रिवेणी शंकर साहू पिता स्व. श्री विजय कुमार साहू निवासी प्लॉट नं. 204 दूसरा मंजिल आसमा सिटी होम्स बिलासपुर, थाना सकरी, जिला बिलासपुर ने एसपी को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि खसरा नं. 53/1 कुल खं. नं. 26 एवं कुल रकबा 3.630 हे. में उनके भाई-बहन के साथ अन्य हिस्सेदारों की शामिल रूप से भूमि दर्ज हैं। उक्त खसरा नं. की भूमि पर रूपनारायण, पिता तिहारू निवासी सोसायटी रोड बाराद्वार द्वारा मेरे अन्य हिस्सेदारों की बिना किसी सहमति या जानकारी के निम्नलिखित अवैध कार्य किए गए हैं:-

👉1. कूटरचित कर दस्तावेजों से नाम विलोपन करनाः यह कि वर्ष 2013 में मेरे दादाजी तिहारू पिता आनंदराम की मृत्यु हो गई थी जिसके बाद नामांतरण क्रमांक 4 दिनांक 20. 04.2013 को ग्राम पंचायत लहंगा द्वारा प्रस्ताव किया गया था। जिसमें रूपनारायण, पितांबर पिता तिहारू, ना. बा. युगल किशोर, ना.बा. त्रिवेणी शंकर, जय श्री पिता विजय बली मां एवं खुद नर्मदा देवी वे. विजय, दुखनी बाई बे, तिहारू नाम दर्ज किया गया था किन्तु रूपनारायण द्वारा कूटरचित कर वर्ष 2014 से 2025 तक के राजस्व अभिलेखों से भी मेरे और मेरे भाई-बहनो का नाम हटवाया गया था जिसकी जानकारी मिलने पर मेरे द्वारा तत्काल कुछ दिनों पूर्व अप्रैल 2026 में वर्तमान पटवारी के पास आवेदन देकर वर्ष 2014-15 खसरा पांचसाला में काली स्याही से नाम दर्ज किया गया तथा वर्तमान राजस्व अभिलेखों में भी ऑनलाइन नियमानुसार दर्ज किया गया।

👉2. के.सी.सी. लोन निकालनाः उक्त भूमि का उपयोग कर रूपनारायण द्वारा संबंधित बैंक खाता नं. 606028074713 IFSC कोड UTIBOSJSB01 बैंक का नाम जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर (छ०ग०) से मेरी जानकारी के बिना शामिल खसरे की खाते भी भूमि से के.सी.सी. लोन वर्ष 2014 से 2025 तक के.सी.सी. लोन निकाल लिया गया है। जिसमें सहमति पत्र में जाली हस्ताक्षर या अंगूठे का उपयोग किया गया हो सकता है।

👉3. धान बिक्री का पैसा हड़पना वर्ष 2014 से 2025 तक उक्त सम्मिलित भूमि पर उपजे धान को सहकारी समिति बाराद्वार में रूपनारायण द्वारा बेचा गया है. जिसका पूरा भुगतान बोनस सहित उसने अपने अकेले के बैंक खाते में प्राप्त कर लिया गया है और मुझे एवं अन्य हिस्सेदारों को हमारी हिस्सेदारी का पैसा नहीं दिया है।

👉4 सम्मिलित खं. नं की भूमि एवं एकल ख. नं. की भूमि से मिलाकर अवैध तरीके से धान विक्रम यह कि छ.ग. में सम्मिलित खाता एवं एकल खाता दोनों जमीनों को मिलाकर एक साथ धान नहीं बेचा जा सकता है। यह कि दोनों खाते की जमीन पर पंजीयन होता है। रूपनारायण पिता तिहारू के नाम पर ख. नं. 107/3 रकबा 0.672हे. की भूमि को सम्मिलित ख.नं. 53/1 में शामिल कर धान विक्रय किया जा रहा था जो पूर्णतः अवैध है।

👉5. क्रय भूमि को शामिल खाते में अवैध तरीके से शामिल करने बाबत् यह कि ख. नं. 53/1 रकबा 0.202 है. भूमि जो कि मेरे पिता जी स्व. श्री विजय कुमार पिता तिहारू के नाम पर क्रय की गई भूमि हैं। मेरे पिताजी की मृत्यु वर्ष 1993 में हो गई चुकी थी दर्ज नामांतरण क्र. 23 दिनांक 28.05.1994 आदेश दिनांक 21.06.1994 जिसका फौती नामांतरण दर्ज कर मेरे भाई-बहन व मां के नाम पर नामांतरण पंजी में दर्ज किया जा चुका था।

यह कि उक्त शामिल खाते की किसी भी प्रकार की जानकारी मेरे और मेरे भाई-बहन एवं मेरी माता जी को नही थी। कुछ दिनों पूर्व ही हमारे रिश्तेदारों द्वारा एवं ग्रामीणों द्वारा उक्त सभी जानकारी प्राप्त हुई जिसके तहत मेरे द्वारा सभी दस्तावेजों को नियमानुसार प्राप्त किया गया जिसमें मुझे रूपनारायण द्वारा किया गया उक्त ख. नं. की भूमि पर अवैध कार्यों का पता चला तब मेरे द्वारा मौखिक रूप से रूपनारायण से बात करने पर वह मुझे कहने लगा तुझे जो करना है कर मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
पीड़ित त्रिवेणी शंकर साहू ने सह उनके व खातेदारों के साथ हुई इस धोखाधड़ी और जालसाजी की निष्पक्ष जांच कर रूपनारायण पिता तिहारू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी कार्यवाही किए जाने की गुहार लगाई है।