CG : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक संपन्न : 19 में से 11 प्रकरणों में सुनवाई पूर्ण, आदेश जारी करने के निर्देश…

रायपुर । आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में सोमवार को उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष, नवा रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में कुल 19 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई, जिसमें कुल 07 प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये एवं 12 प्रकरण विचारार्थ प्रस्तुत किये गए। सुनवाई हेतु रखे गए कुल 07 प्रकरणों में से 04 प्रकरणों पर सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए, 02 प्रकरणों पर पुनः अवसर प्रदान करने एवं 01 प्रकरण पर पुनः सोशल स्टेटस प्रस्तुत करने हेतु विजिलेंस टीम को निर्देशित किया गया।

बैठक में आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास डी. राहुल वेंकट (सदस्य), संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), संचालक, भू अभिलेख, विनीत नंदनवार, संयुक्त संचालक, टीआरटीआई श्रीमती गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ), श्रीमती रमा उइके (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के श्री एमानुअल लकड़ा (डीएसपी), जितेन्द्र गुप्ता एवं श्रीमती अंजनी भगत इत्यादि उपस्थित थे।

समिति के विचारार्थ रखे गए कुल 12 प्रकरणों में से 02 प्रकरणों पर गुण-दोष के आधार पर एवं 05 प्रकरणों पर सकारात्मक विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय जनजाति आयोग से प्राप्त 01 प्रकरण (55 बैगा) पर गौरेला-पैण्ड्रा-मरवाही एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तुरी, दोनों जिलों के सहायक आयुक्त एवं उच्चस्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति के विजिलेंस सेल द्वारा संयुक्त रूप से प्रकरणों की गहन जांच हेतु संबंधित जिलों में परिभ्रमण कर मिसल अभिलेख, वंशावली, एवं सोशल स्टेटस का सत्यापन/परीक्षण किये जाने के निर्देश दिए गए जबकि शेष 04 प्रकरणों पर समिति द्वारा सुनवाई हेतु अवसर प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। सबसे महत्वपूर्ण कि उक्त 12 में से दो प्रकरणों में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया।
विभाग द्वारा किया जा रहा यह प्रयास निश्चित ही समान न्याय एवं प्रक्रियागत पारदर्शिता को दर्शाता है।

उल्लेखनीय है कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा नियमित अंतराल में बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसार पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए।

विदित हो माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है।