कोरबा। कटघोरा वन मंडल के चैतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरकाडांड में धौरा वृक्ष गिरने से तीन युवकों की हुई दर्दनाक मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक राजेश यादव ने घटना को लेकर मुख्यमंत्री के नाम पत्र प्रेषित कर उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।


भाजपा नेता राजेश यादव ने आरोप लगाया है कि वन विभाग से जुड़े निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों एवं मृतकों के परिजनों के अनुसार निर्माण कार्य में नाबालिग बच्चों से भी मजदूरी कराई जा रही थी। हादसे में जान गंवाने वालों में 14 वर्षीय शिवाराम टेकाम एवं 17 वर्षीय दिनेश तिर्की के शामिल होने का दावा किया गया है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह बाल श्रम कानूनों के गंभीर उल्लंघन का मामला होगा। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य चल रहा था वहां श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। तेज आंधी-तूफान के दौरान विशाल धौरा वृक्ष गिरने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने तीन परिवारों से उनके सहारे छीन लिए हैं। झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ भाजपा के सह संयोजक ने मांग की है कि मामले की जांच किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से कराई जाए तथा यह पता लगाया जाए कि निर्माण कार्य की अनुमति किस स्तर पर दी गई, नाबालिगों को कार्य पर लगाने की जिम्मेदारी किसकी थी और सुरक्षा प्रबंधों में लापरवाही के लिए कौन उत्तरदायी है। दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा नेता ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, विशेष राहत पैकेज तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी राज्य शासन से की है। क्षेत्र में इस दुखद घटना को लेकर शोक के साथ-साथ आक्रोश भी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों को सामने लाकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
