सोनम वांगचुक के समर्थन में अधिवक्ता नफीस करेंगे अनशन, 20 को सुभाष चौक पर बैठेंगे …

कोरबा। अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान के नेतृत्व में शिक्षा, लोकतंत्र और जनहित के समर्थन में एक दिवसीय अनशन कोरबा में किया जाएगा। यह अनशन सोनम वांगचुक के आंदोलन औऱ 21 दिन से चल रहे अनशन के समर्थन में सुभाष चौक निहारिका में किया जाएगा।

अब्दुल नफीस ने वांगचुक के समर्थन में कहा है कि-सोनम वांगचुक जिन मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, वे केवल उनके व्यक्तिगत मुद्दे नहीं हैं। वे NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा, प्रभावित छात्रों को न्याय, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही, लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत संरक्षण तथा लद्दाख के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा जैसे महत्वपूर्ण सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से 20 जुलाई 2026 को उनके आंदोलन के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया था, लेकिन आज उन्हें बलपूर्वक अस्पताल ले जाया गया।

अधिवक्ता नफीस ने कहा है कि

हर नागरिक दिल्ली नहीं जा सकता, लेकिन अपने शहर में रहकर लोकतंत्र की इस आवाज़ के साथ खड़ा जरूर हो सकता है।
इसीलिए मैं और मेरे कुछ साथी सोनम वांगचुक जी के शांतिपूर्ण आंदोलन और उनकी जनहित की मांगों के समर्थन में, 20 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजे सुभाष चौक, निहारिका, कोरबा में एक दिवसीय शांतिपूर्ण एवं संविधानसम्मत अनशन पर बैठ रहे है ।
यह अनशन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा, संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण असहमति के सम्मान के समर्थन में है।
अनशन के दौरान महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया जाएगा, जिसमें सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने, उनसे सार्थक संवाद स्थापित करने तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाएगा।
अब्दुल नफीस ने कोरबा के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, युवाओं और हर जागरूक नागरिक से अपील की है कि इस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अभियान में अपनी सहभागिता दें। आप पूरे दिन अनशन नहीं कर सकते तो कुछ समय के लिए उपस्थित होकर अपना नैतिक समर्थन दें।