CG : जमाना बदल गया सोंच नहीं ,इक्कीसवीं सदी में रुढ़िवादी सोंच से ग्रसित इस गांव के ग्रामीणों को विजयी महिला सरपंच को भाजपा नेता द्वारा माला पहनाना गुजरा नागवार ,कर दिया सामाजिक बहिष्कार ,पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार , थाना पहुंचा मामला ….

बलरामपुर । छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण अंचलों में आज भी मौजूद रूढ़िवादी सामाजिक परंपराओं और सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रथाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक महिला सरपंच को शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा नेता द्वारा सम्मान स्वरूप माला पहनाए जाने के बाद पूरे परिवार का कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। परिवार का दावा है कि पिछले एक साल से उन्हें सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला वाड्रफनगर विकासखंड के हरिगवां गांव का है। यहां मनबसिया बाई पंचायत चुनाव जीतने के बाद सरपंच बनी थीं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंच पर भाजपा नेता मंशाराम साहू ने सम्मान स्वरूप उन्हें माला पहनाई थी। कार्यक्रम में गांव के लोग और समाज के सदस्य भी मौजूद थे। परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद खैरबार समाज ने इसे सामाजिक मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए महिला सरपंच समेत पूरे परिवार का बहिष्कार कर दिया। महिला सरपंच के पति देवेंद्र खैरबार का कहना है कि समाज में यह मान्यता है कि किसी महिला को माला केवल उसका पति ही पहनाता है।

किसी अन्य पुरुष द्वारा सार्वजनिक रूप से माला पहनाना समाज में स्वीकार्य नहीं माना जाता। इसी आधार पर उनके परिवार को दंडित किया जा रहा है। देवेंद्र खैरबार का दावा है कि पिछले करीब एक वर्ष से उनके परिवार को किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। समाज के लोगों ने उनसे दूरी बना ली है। इतना ही नहीं, परिवार को दोबारा समाज में शामिल करने के लिए ‘बकरा-भात‘ का सामाजिक दंड देने की शर्त भी रखी गई है।

👉माला पहनाने वाले भाजपा नेता पर महिला सरपंच नेे लगाये गंभीर आरोेप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच समाज से बहिष्कृत महिला सरपंच ने भाजपा नेता मंशाराम साहू पर पंचायत के कार्यों में बाधा डालने और जबरन वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। महिला सरपंच ने इस मामले की रघुनाथनगर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। इस शिकायत की प्रतिलिपि बलरामपुर पुलिस अधीक्षक और सरगुजा आईजी को भी भेजी गई है। वहीं पुलिस अधिकारी शिकायत की जांच करने की दलील दे रहे है। इस पूरे प्रकरण की शिकायत के बाद जिला प्रशासन की नजर भी इस मामले पर है।

वाड्रफनगर एसडीएम नीर निधि नन्देहा ने बताया कि महिला सरपंच ने थाने में शिकायत की है। पुलिस-प्रशासन की टीम समाज के लोगों को समझाइश दी जायेगी। फिलहाल एक ओर परिवार सामाजिक बहिष्कार खत्म करने की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस महिला सरपंच की शिकायत की जांच में जुटी है। अब देखना होगा कि पुलिस-प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सामाजिक स्तर पर उपजे इस विवाद का समाधान कब तक किया जाता है, येे तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।