सूरजपुर । छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के हेडमास्टर का शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हेडमास्टर न सिर्फ नशे की हालत में स्कूल पहुंचे, बल्कि बच्चों और ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज भी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, रामानुजनगर विकासखंड के खोरखोरीपारा प्राथमिक स्कूल में पदस्थ हेडमास्टर हरिनंदन सिंह गुरुवार को कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उनकी हालत इतनी खराब थी कि वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे और स्कूल परिसर में बच्चों के जूते-चप्पलों के पास ही जमीन पर लेट गए।
ग्रामीणों ने जब उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि उनके इस व्यवहार का बच्चों पर गलत असर पड़ेगा, तो उन्होंने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। ग्रामीणों ने जब वीडियो कलेक्टर को भेजने की बात कही, तो हेडमास्टर ने उन्हें धमकाते हुए कहा, “पटककर मारूंगा, क्या कर लोगे मेरा ? ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने मामले का संज्ञान लेते हुए हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
👉सरकारी स्कूलों की निगरानी पर फिर सवाल
यह घटना एक बार फिर सरकारी स्कूलों में अनुशासन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जिन शिक्षकों के कंधों पर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, अगर वही स्कूल में नशे की हालत में पहुंचें, तो शिक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल उठना लाजिमी है। हालांकि शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है, लेकिन यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि सरकारी स्कूलों में नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना कितना जरूरी है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और अनुशासित शैक्षणिक माहौल मिल सके।

