0 AI तकनीक से होगी क्षतिग्रस्त मार्गों की पहचान; समय-सीमा बताने से सरकार ने किया इंकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा।
लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज के प्रश्न पर उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र में PMGSY के अंतर्गत कुल 171 सड़कें निर्मित हैं। जून 2026 तक किए गए सर्वे में इनमें से 31 सड़कें मरम्मत योग्य पाई गई हैं।

मंत्री ने कहा कि इन सड़कों की मरम्मत और जहां आवश्यक होगा वहां पुनर्निर्माण का कार्य बजट उपलब्धता और प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। हालांकि, यह कार्य कब तक पूरा होगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा फिलहाल तय नहीं की जा सकती।
सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जर्जर सड़कों का मामला उठाते हुए नई सड़कों के निर्माण और खराब मार्गों की मरम्मत की मांग की। जवाब में विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में सड़कों की स्थिति का आकलन आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है। AI आधारित सर्वे के जरिए क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और नवीनीकरण कराया जाएगा।
मंत्री ने सड़क निर्माण, वर्तमान स्थिति और अब तक हुए संधारण पर खर्च की गई राशि का विस्तृत ब्यौरा भी सदन के पटल पर रखा।
चर्चा के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि एक ही प्रश्न पर आठ विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़क संबंधी समस्याएं और मांगें रखीं। मंत्री ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से जवाब देकर सदन को संतुष्ट किया।
