KORBA : अफसर AC में चैन की नींद सोते रहे ,डबल इंजन की सुशासन सरकार में भीषण उमस भरी गर्मी में पूर्व सांसद डॉ.बंशीलाल महतो के गृह ग्राम पंचायत सलिहाभांठावासियों ने किया रतजगा ,7 घण्टे बाद भी Lo voltage की समस्या दुरुस्त नहीं कर पाई विद्युत विभाग की निकम्मी अमला ,CM HELPLINE भी नहीं कर पाया समाधान ,उठे सवाल

0 रात में कॉल नहीं उठाने ,फॉल्ट दुरुस्त नहीं करने की बदइंतजामी उपभोक्ताओं की बढ़ा रही है परेशानी

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कोरबा -बरपाली । डबल इंजन की सुशासन सरकार बरपाली सब स्टेशन के तुमान फीडर के ग्राम पँचायत सलिहाभांठावासियों की बिजली समस्या नहीं सुलझा पा रही है। महीने भर के भीतर एक बार फिर ग्रामीणों ने भीषण उमस भरी गर्मी में बीती रात रतजगा किया । पूर्व सांसद डॉ बंशीलाल महतो के गृह ग्राम में रात ठीक पौने 12 (11.45) बजे जीरो तकनीकी खराबी की वजह से जीरो वोल्टेज की जो समस्या निर्मित हुई है ,7 घण्टे उपरांत भी अभी तक विद्युत वितरण विभाग का मेंटेनेंस अमला दुरुस्त नहीं कर पाया। अमले की कमी का हवाला देकर रात्रिकालीन तकनीकी खराबी को दुरुस्त नहीं कर पाने का जो सिलसिला चला आ रहा है वो बरकरार है। जहाँ जिम्मेदार अफसर समस्या से बेखबर AC में चैन की नींद सो रहे तो सब स्टेशन के कर्मचारी कॉल तक रिसीव नहीं कर मदमस्त हैं। बिजली के अभाव में इससे संचालित तमाम उपकरण कूलर,पंखे,बोरवेल बंद होने से जनता हलाकान है।

अमले की कमी से जूझ रही छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी भीषण गर्मी में ग्रामीण उपभोक्ताओं को रुला रही है। कोरबा जिले के बरपाली विद्युत वितरण केंद्र के अधीन आने वाले तुमान फीडर के ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में कल 19 जून की रात 11.45 बजे से जीरो वोल्टेज है। ग्रामीणों की मानें तो लाइनमैन से लेकर जिम्मेदार अफसरों के फोन नहीं उठाने से ग्रामीण ट्रांसफार्मर अथवा लाइन में आई तकनीकी समस्या से भी अनभिज्ञ हैं। । हैरानी की बात तो यह है कि मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज कराए जाने पर रात में लाइन व्यस्त बताए जाने के बाद सुबह समस्या दर्ज कराए जाने के उपरांत भी CSPDCL को कॉल ट्रांसफर कर समस्या से अवगत कराए जाने के बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ।
जिसकी वजह से पूर्व सांसद स्व.डॉक्टर बंशीलाल महतो के गृह ग्राम पंचायत सलिहाभांठावासियों ने रतजगा किया। आज सुबह बिजली बंद होने से पानी के लिए तरस रहे हैं।
विद्युत विभाग के शिकायत हेल्प लाइन 1912 में शिकायत दर्ज कराने के घण्टों बाद भी समस्या यथावत बने रहना यह बताने के काफी है किस तरह विद्युत विभाग बिजली समस्या का समाधान कर पाने में नाकाम रही है।

उमस भरी भीषण गर्मी में रात भर ग्रामीणों ने रतजगा किया। बिजली पर लोगों की पूरी दिनचर्या टिकी है,बोर से लेकर कूलर पंखे तमाम उपकरण बंद पड़े हैं। ग्राम में नल जल योजना भी ठेकेदार की मृत्य उपरांत आधा अधूरा है ,लिहाजा ग्रामीण निजी बोर व हैंडपम्प पर ही निर्भर हैं । बिजली गुल होने से लोगों को पानी नही नहीं मिल पा रहा है। फोन भी डिस्चार्ज होकर बंद हो रहे हैं। बहरहाल इन सब समस्याओं ने ग्रामीणों के मन में संबधित विभाग के प्रति रोष व शासन -प्रशासन के प्रति अविश्वास की भावना उत्पन्न कर दिया है।

👉जब भारी भरकम बिल वसूल रहे तो निरंतर सेवा मिलना अधिकार ,कब सुध लेगी सरकार

फीडर के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विद्युत वितरण कम्पनी बेतहाशा बिजली बिल भेज रही है, ग्रामीण किसी तरह अपना पेट काट काटकर उस बिल की समय पर अदायगी भी कर रहे। पर जब बिजली बिल वसूलना विद्युत वितरण कम्पनी की जिम्मेदारी है तो सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना भी विभाग का दायित्व है। लेकिन चाम्पा 33 kv से विद्युत आपूर्ति हो रही तुमान फीडर में उपभोक्ताओं को आज पर्यन्त अपना अधिकार नहीं मिल पा रिष जो घोर विडंबना है।

👉भैसमा फीडर में जोड़े जाने की मांग

ग्राम पंचायत सलिहाभांठावासियों ने ग्राम की विद्युत लाइन को भैसमा फीडर से जोड़े जाने की मांग की है ताकि उर्जानगरी कोरबा से उन्हें नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा।
तुमान फीडर में आए दिन ग्रामीण उपभोक्ता लचर विद्युत व्यवस्था से हलाकान हो रहे। सुबह हो दोपहर या आधी रात फीडर में कभी भी बिजली गुल हो जाती है,कभी ब्रेक डाउन, तो कभी 11KV में फाल्ट आने तो कभी 33 KV ब्रेक डाउन पेंड व केबल टूटने की समस्या हो ,या सामान्य हालात पर भी समस्या बरकरार रहती ही है। समस्या तब और गहरी हो जाती है जब रात भर विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं होती । जिम्मेदार अधिकारी कॉल रिसीव नहीं करते या उनका फोन नहीं लगता। ग्रामीण उपभोक्ताओं ने अकर्मण्य अधिकारियों को हटाने की भी कई मर्तबा मांग की है लेकिन अभी तक कोई सार्थक पहल नहीं हुई।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता भी ग्रामीणों की समस्याओं की मूल वजह बनी हुई है,जिन्हें अपने क्षेत्रवासियों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं । केवल वोट बैंक की राजनीति कर जनसमस्याओं से मानो इन्होंने आंखे फेर ली है।