कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह का मंच गुरुवार को उस समय अचानक राजनीतिक रंग में रंग गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर सवाल उठा दिए। कार्यक्रम पत्रकारों के सम्मान और नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण के लिए आयोजित था, लेकिन मंच से हुई राजनीतिक टिप्पणियों ने समारोह को सियासी बहस में बदल दिया। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए सवाल कर दिया कि…सरकार अपनी ढाई साल की सिर्फ ढाई उपलब्धियां ही बता दे।
गौरतलब है कि आज गुरूवार को कोरबा प्रेस क्लाब की नई कार्यकारिणी का आज शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित था। प्रेस क्लब ने इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम अरूण साव शपथ ग्रहण कराने पहुंचे थे। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम के अलावा शहर विधायक व मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजूदेवी राजपूत और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को भी आमंत्रित किया गया था। लिहाजा अतिथियों के मंच पर पहुंचते ही राजनीतिक तापमान बढ़ने के संकेत पहले ही से थे। मंच पर जैसे ही पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को कार्यक्रम के संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया, उन्होने नई कार्यकारिणी को बधाई देते हुए डिप्टी सीएम के सामने ही विकास कार्यो के दावों पर सवाल उठा दिये।
जयसिंह अग्रवाल ने अपने संबोधन में मंच से कहा कि उप मुख्यमंत्री एवं कोरबा के प्रभारी मंत्री अरुण साव लंबे समय बाद कोरबा आए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि वे किसी औपचारिक कार्यक्रम के बजाय केवल जिले का दौरा करें और कोरबा, कुसमुंडा गेवरा, दीपका, कटघोरा और बालको जैसे इलाकों की वास्तविक स्थिति देखें। उनका दावा था कि तभी विकास की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। वहीं अपने भाषण में जयसिंह अग्रवाल एक ओर कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत के 16 महीने के कार्यकाल को कम समय बताते हुए उनके कामकाज पर सवाल उठाने को उचित नहीं माना। लेकिन दूसरी ओर राज्य सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को निशाने पर ले लिया।
उन्होंने मंच से ही उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्थानीय विधायक एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की मौजूदगी में सवाल किया कि……“सरकार अपनी ढाई साल की सिर्फ ढाई उपलब्धियां ही बता दे। यहीं नहीं उन्होंने सरकार के किसी भी मंत्री को कोरबा के विकास कार्यों पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दे दी। अग्रवाल ने कहा कि यदि विकास के दावे किए जा रहे हैं तो उन पर खुले मंच से चर्चा होनी चाहिए। पूर्व मंत्री ने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि….”उनकी सरकार के दौरान यदि अधिकारियों ने गड़बड़ी की तो उसका भी खुले मंच से विरोध किया गया।” जयसिंह अग्रवाल के इस बयान के बाद कार्यक्रम का राजनीतिक तापमान बढ़ गया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में विपक्ष पर निशाना साधा।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि…..पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को पहले अपने कार्यकाल का आत्ममंथन करना चाहिए। अरुण साव ने कहा कि…..पांच वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही, महापौर भी उनके घर से थी, लेकिन जनता ने उनके कामकाज का जवाब चुनाव में दे दिया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कोरबा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम कर रही है। प्रेस क्लब के शपथ ग्रहण समारोह में शुरू हुई यह सियासी नोकझोंक अब कोरबा की राजनीति में नई बहस का विषय बन गई है। एक ओर कांग्रेस सरकार के विकास दावों को चुनौती दे रही है, वहीं भाजपा चुनावी जनादेश और अपने विकास कार्यों का हवाला देकर जवाबी हमला कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा जिले की राजनीति में और तेज होने के संकेत दे रहा है।
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