KORBA : एसईसीएल कर्मी पति की मौत के बाद दूसरी पत्नी ने विभिन्न ( स्वत्व ) राशि हड़पने किया बड़ा खेला, नॉमिनी पहली पत्नी के नाम से की कूटरचना

कोरबा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा सत्यानंद प्रसाद के द्वारा एक प्रकरण में दिए गए फैसले के आधार पर परिवादी चेतना सिंह ने अपनी ही मॉं पुष्पा सिंह व भाई कुलदीप सिंह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया है।

धारा 175(3) BNSS में पारित आदेश से जुड़ा मामला इस प्रकार है कि- परिवादनी श्रीमति चेतना सिंह 30 वर्ष पति अजय कुमार निवासी मानिकपुर के पिता नवरतन सिंह SECL कर्मचारी डम्फर आपरेटर कुसमुंडा परिक्षेत्र में पदस्थ थे। उनकी मृत्यु 17.11.2022 को हो चुकी है। इसके पूर्व श्रीमती पुष्पा सिंह से दूसरा विवाह किया जिससे पुत्र कुलदीप सिंह वर्तमान निवासी बबलू जायसवाल का चाल काली मंदिर के सामने दुरपा रोड कोरबा है। इन दोनों माँ-बेटा के द्वारा नवरतन ‍सिंह की पत्नी व नामिनी टिकैतीन बाई के नाम SECL की ग्रेच्युटी, CMPF एवं अन्य मदों की राशि को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर प्राप्त किया गया।

👉पहली पत्नी छोड़कर गई किन्तु तलाक नहीं हुआ

परिवादिनी के पिता स्व.नवरतन सिंह पिता स्व. मनहरण सिंह का विवाह टिकैतीन बाई से हुआ था, जिसका नाम अपने सेवा अभिलेखों में नॉमिनी / पारिवारिक सदस्य / पत्नी के रूप में दर्ज कराया गया था। नवरतन सिंह के द्वारा अपने सेवा अभिलेख व बीमा पॉलिसी के नामिनी से टिकैतीन बाई का नाम कभी भी विलोपित नहीं करवाया गया था और न ही टिकैतीन बाई से कभी भी विवाह विच्छेद हुआ है। टिकैतीन बाई ही वैध विवाहिता पत्नी है और परिवादिनी के पिता के नाम पर जमा उपरोक्त सभी राशि को पाप्त करने की अधिकारिणी है। नवरतन के द्वारा अपने जीवन काल में अनेको बीमा पॉलिसी क्रय किया गया था, जिसमें भी उनके द्वारा टिकैतीन बाई का नाम नामिनी के रूप में दर्ज कराया गया था।

पत्नी श्रीमती टिकैतीन बाई अपने पति नवरतन को छोड़ कर कहीं चली गई, तब टिकैतीन बाई से बिना विधिवत विवाह विच्छेद कराये नवरतन ने श्रीमती पुष्पा सिंह से विवाह किया गया जिससे तीन संतान क्रमशः परिवादिनी चेतना सिंह व दो पुत्र कुलदीप सिंह एवं कृष्णा सिंह उत्पन्न हुए हैं परिवादिनी चेतना के पिता नवरतन सिंह की मृत्यु के बाद श्रीमती पुष्पा सिंह के द्वारा एसईसीएल से ग्रेच्यूटी, सी.एम.पी.एफ. एवं अन्य मदों की राशि कूटरचित दस्तावेज तैयार कर टिकैतीन बाई बनकर समस्त राशि को प्राप्त किया गया। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम से लिये गये सभी पॉलिसी, जिसमें नॉमिनी के रूप में टिकैतीन बाई का नाम दर्ज था, को पुष्पा सिंह के द्वारा फर्जी दस्तावेज के आधार पर टिकैतीन बाई बनकर प्राप्त कर लिया गया है।

👉 मतदाता सूची में क्रमांक अलग,कूटरचना किया

टिकैतीन बाई का मतदाता सूची में दर्ज संख्या अलग है तथा श्रीमती पुष्पा सिंह का मतदाता सूची में दर्ज संख्या अलग है। फिर भी पुष्पा सिंह ने अपने सही नाम के साथ-साथ टिकैतीन बाई के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किया जिसका उपयोग पुष्पा द्वारा अपने आवश्यकतानुसार फर्जी तरीके से किया जाता है तथा उन्हीं फर्जी दस्तावेजों का उपयोग उपरोक्त राशियों के आहरण के लिये किया गया है।

👉 पुलिस में शिकायत, पर नहीं लिया कोई एक्शन

परिवादी के द्वारा पुष्पा सिंह को मौखिक रूप से उपरोक्त आपराधिक कृत्य करने से मना किया गया। साथ ही श्रीमती पुष्पा सिंह द्वारा एसईसीएल एवं भारतीय जीवन बीमा निगम में धोखाधड़ी करते हुये फर्जी एवं कूटरचित हस्ताक्षर कर, झूठे अधारों पर टिकैतिन बाई व श्रीमती पुष्पा सिंह दोनो एक ही महिला है, बताकर शिकायत की गई किन्तु पुलिस के द्वारा आज पर्यंत किसी प्रकार की कोई कार्यवाही अभियुक्तगण के विरूद्ध नहीं किये जाने के कारण यह परिवाद-पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

👉 दंडनीय अपराध माना न्यायाधीश ने

न्यायाधीश ने अभियुक्तगण का उपरोक्त कृत्य धारा 335, 336, 338, 340, 61 (2) भारतीय न्याय संहिता एवं आकर्षित धाराओं के तहत दण्डनीय अपराध माना है।आदेश के आधार पर चौकी मानिकपुर,थाना कोतवाली में श्रीमति चेतना सिंह की रिपोर्ट पर श्रीमती पुष्पा सिंह व कुलदीप सिंह के विरुद्ध IPC की धारा 120 बी, 463,, 464, 467, 470, 471 के तहत जुर्म कर विवेचना शुरू की गई है।