कोरबा । एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS ) छुरीकला में अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों के उपजे असंतोष आक्रोश को जिला प्रशासन शांत नहीं कर पा रहा । प्राचार्य एवं अधीक्षक के तबादले के प्रमुख मांग पर अड़े छात्रों ने गुरुवार को पुनः पढ़ाई छोंड़ आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया । कटघोरा -कोरबा मुख्य मार्ग में छुरीकला नगर पंचायत के समीप धरने पर बैठ गए । एक महीने के भीतर यह तीसरी मर्तबा है जब स्कूल के बच्चों ने पढ़ाई छोड़कर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। छात्रों के अचानक प्रदर्शन से मार्ग में जाम लग गया। चक्का जाम के चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ। जिला प्रशासन के अधिकारियों के घण्टों समझाईश के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने चक्काजाम प्रदर्शन समाप्त किया।तब जाकर मार्ग में यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी।
👉प्रिंसिपल और छात्रावास अधीक्षक को हटाने की मांग

आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग है कि प्रिंसिपल डॉ. अरसद अहमद अली और छात्रावास अधीक्षक को तत्काल हटाया जाए। छात्रों का आरोप है कि प्रिंसिपल के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें हैं। इसके साथ ही स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी का भी आरोप लगाया गया है। छात्रों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
👉मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी,आश्वासन के उपरांत धरना समाप्त
चक्का जाम की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए । अपर कलेक्टर ओंकार यादव,एसडीएम टी आर भारद्वाज, सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर और थाना प्रभारी घण्टों समझाईश आश्वासन उपरांत आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन समाप्त कराने में कामयाब हो सके। करीब 4 घण्टे के प्रदर्शन उपरांत यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी ।
👉बार-बार चक्का जाम से जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
लगातार हो रहे चक्का जाम को लेकर जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी बताई जा रही है। उनका कहना है कि बार-बार मुख्य मार्ग बाधित होने से क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
👉प्रशासनिक जांच के बीच छात्रों के बार बार प्रदर्शन से उठ रहे सवाल ! वाकई समस्याओं का अंबार या निशाने पर प्राचार्य और अधीक्षक ?
गौरतलब हो कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरीकला के छात्रों ने बीते माह 27 जुलाई को शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल को कार्यक्रम से रवानगी के समय गाड़ी के सामने घेरकर विद्यालय के प्राचार्य एवं अव्यवस्था के खिलाफ शिकायत की थी। जिसमें भोजन की खराब गुणवत्ता ,पेयजल समस्या,नाश्ता, एवं प्राचार्य के द्वारा किए जा रहे अनुचित व्यवहार की बात प्रमुखता से रखी थी। छात्रों के अचानक किए गए इस प्रदर्शन को तमाम मीडिया ने भी प्रमुखता से स्थान दी थी।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरीकला में छात्रों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी।
कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।सहायक आयुक्त की अध्यक्षता में गठित जांच समिति जांच पूरी कर ही रही थी कि प्रशासनिक जांच के बीच छात्रों का 1 अगस्त को अचानक मुख्य मार्ग में सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया गया। तब एसडीएम टी आर भारद्वाज ने सनस्याओं के निदान का लिखित आश्वासन देकर प्रदर्शनकारी छात्रों का आंदोलन समाप्त करवाया था। अब पुनः आज 13 अगस्त को छात्रों ने पढ़ाई छोंड़ आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया है। जिसने कई तरह के सवालों को जन्म दे दिया है। क्या वाकई विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था बेलगाम हो गई है ?” छात्रों को परेशान कर रही है ,प्राचार्य समेत अधीक्षक बच्चों को प्रताड़ित कर रहे हैं ? या फिर अव्यवस्था तो महज बहाना है प्राचार्य और अधीक्षक को एकलव्य से भगाना है ? बहरहाल इस घटना ने कई तरह के कयासों को बल दे दिया है। कहीं न कहीं छात्रों के इस प्रदर्शन में पर्दे के पीछे से उकसावे के आसार हैं। बहरहाल जांच प्रतिवेदन के बाद ही इन सब कयासों,अटकलों पर विराम लग सकेगा । प्रकरण में प्रशासनिक कार्रवाई में हो रही देरी भी भी चर्चा का विषय बना हुआ है ।
वर्जन
जल्द ही असंतोष का स्थाई समाधान कर लिया जाएगा
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आश्वासन उपरांत धरना समाप्त कर दिया है। यातायात व्यवस्था बहाल हो गई है। छात्रों की विद्यालयीन समस्याओं के अलावा कुछ अन्य मांगे हैं जिन पर आवश्यक निर्णय लेने टीम के साथ चर्चा कर रहे हैं। जल्द ही छात्रों के असंतोष का स्थाई समाधान कर लिया जाएगा ।
टी आर भारद्वाज ,एसडीएम कटघोरा
