KORBA : बारिश में भी सुरक्षित पहुंचेगा बहनों का प्यार , 2500 वाटर प्रूफ लिफाफे उपलब्ध,राखी के लिए अलग पीली पेटियां ,दिन में 2 बार होगी डाक निकासी …

कोरबा। रक्षाबंधन पर बहनों की राखियां समय पर भाइयों तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। बारिश के मौसम को देखते हुए कोरबा में 2,500 वाटरप्रूफ लिफाफे उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही पर्याप्त डाक टिकट की व्यवस्था की गई है। राखी के साथ भेजे जाने वाले मनीआर्डर के त्वरित भुगतान के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।

28 अगस्त, शुक्रवार को रक्षाबंधन को देखते हुए भारतीय डाक विभाग के बिलासपुर संभाग ने ‘राखी मेल्स’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत कोरबा प्रधान डाकघर सहित विभिन्न उप डाकघरों में राखियों के लिए अलग से पीले रंग की पत्र पेटियां लगाई गई हैं। इन पेटियों में डाली गई राखियों की नियमित निकासी कर उन्हें अलग बैग में रखकर संबंधित पते पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। राखी डाक की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए दिन में दो बार डाक निकासी की व्यवस्था की गई है। कोसाबाड़ी स्थित मुख्य डाकघर, कोरबा शहर के उप डाकघर, बालकोनगर, भैसमा सहित अन्य डाकघरों में भी राखी के लिए अलग पत्र पेटियां उपलब्ध कराई गई हैं। यह व्यवस्था 29 अगस्त तक जारी रहेगी। डाक विभाग का प्रयास है कि बहनों द्वारा भेजी गई राखियां सामान्य डाक से अलग प्राथमिकता के साथ संबंधित पते तक पहुंचाई जाएं।

बारिश के मौसम में राखी और उसके साथ भेजे जाने वाले संदेश को सुरक्षित रखने के लिए वाटरप्रूफ लिफाफे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्य डाकघर अधीक्षक के अनुसार 2,500 वाटरप्रूफ लिफाफे फिलहाल उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें निर्धारित शुल्क के साथ लिया जा सकता है। साधारण लिफाफे में राखी भेजने वाले लोगों को नियमानुसार डाक टिकट शुल्क का भुगतान कर टिकट चस्पा करना होगा। विभाग ने पर्याप्त मात्रा में डाक टिकट भी उपलब्ध करा लिए हैं।

👉पीली पेटियों में डालें राखीखगोल शास्त्र

डाक विभाग ने लोगों से अपील की है कि राखी भेजने के लिए निर्धारित पीली पत्र पेटियों का उपयोग करें। इन पेटियों में डाली गई राखियों को अलग से निकालकर विशेष बैग के माध्यम से भेजा जाएगा। इससे राखियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने में सुविधा होगी। रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। डाक विभाग की विशेष व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि दूरी कितनी भी हो, बहन के हाथों की राखी समय पर भाई की कलाई तक पहुंचे।