KORBA : लोकहड़ा हत्याकांड की गुत्थी ‘बाघा’ ने सुलझाई ,पड़ोसी निकला हत्यारा,पत्नियों को शराब पिलाकर आदत बिगाड़ने से दुःखी था आरोपी,आक्रोश में पत्थर से किया था प्रहार …

कोरबा। जिले के पसान थाना अंतर्गत ग्राम लैंगा के पास ग्राम लोकहड़ा में श्रीमती सुखमनिया एक्का की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना दिनाँक 23 सितम्बर को मामले की सूचना मिलते ही पसान थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेन्द्र यादव मातहतों के साथ पहुंचे। कटघोरा एसडीओपी विजय राजपूत ने भी मौका मुआयना किया। मौके पर डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक और साइबर टीम ने भी अपने-अपने स्तर पर भूमिका निभाते हुए जांच में सहयोग किया। पुलिस ने मृतका की पहचान कर पंचनामा व पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर जांच शुरू की। रक्तरंजित पत्थर जप्त कर सुराग और वजह के साथ हत्यारे को तलाशने की कवायद शुरू हुई। घटना से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करने के साथ ही गुत्थी सुलझाने की दिशा में काम शुरू किया गया।

घटनास्थल ग्राम लोकडहा वनांचल होने के कारण छोटी-छोटी पहाड़ियों के आसपास बसा गांव है। यहां तकनीकी और संचार साधनों का लगभग अभाव सा बना हुआ है। मृतका सुखमनिया के हत्यारे की तलाश की कड़ी में डॉग स्क्वॉड ने अहम भूमिका निभाई। जहां पसान पुलिस और साइबर टीम ने मानवीय संसाधन के रूप में कार्य किया वहीं डॉग बाघा ने एक बार फिर अपनी विशेष क्षमता का उपयोग कर इस गुत्थी को सुलझाने में काफी अहम भूमिका निभाई।घटना स्थल से आवश्यक सुराग हासिल करने के बाद बाघा सीधे ऊंचे-नीचे रास्तों पर दौड़ लगाते हुए करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित एक घर में जा घुसा। प्रथम दृष्टया इस मकान में रहने वाले लोगों को संदेह के दायरे में लिया गया। संदेह की पुष्टि करने के लिए मकान में निवासरत सहस राम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पहले तो वह सारी बातों से मुकरता रहा और पुलिस को गुमराह करने से भी नहीं चूका। लेकिन बाघा द्वारा दिए गए पुष्ट इशारे और पुलिस द्वारा मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में आखिरकार संदेही सहसराम ने सुखमनिया एक्का की हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसने जो वजह बताई, वह काफी चौंकाने वाली रही।

👉आरोपी की पत्नी और बहू को शराबी बना दिया था मृतका ने

गिरफ्तार आरोपी सहस राम मिंज पिता प्रेम सिंह 38 वर्ष, निवासी ग्राम लोकडहा उरांवपारा के हवाले से एसडीओपी विजय राजपूत ने बताया कि मृतका सुखमनिया एक्का शराब पीती थी और आरोपी सहस राम की पत्नि व छोटे भाई की पत्नी को भी शराब पिलाती थी। आरोपी सहस राम ने कई बार सुखमनिया को डांटा था कि मेरे घर वालों के साथ शराब मत पीना, फिर भी नहीं मानती थी जिससे आरोपी को गुस्सा आता था। घटना दिनांक 22 सितम्बर को आरोपी सहस राम मिंज बकरी चरा कर शाम को घर वापस आया तो देखा कि इसके घर में पत्नी, बहू व सुखमनिया एक्का दारू पिये हुये थे। शराब के नशे में हुल्लड़ कर रहे थे तब सहस राम ने सुखमनिया को डांटकर घर से भगा दिया। सुखमनिया एक्का आरोपी के घर से निकलकर अपने चाचा के घर की तरफ जा रही थी कि मौका देखकर सुखमनिया का पीछा किया और मुडहीकुवां खेत के पास सुनसान जगह देखकर जान से मारने की नीयत से पत्थर से प्रहार कर हत्या कर दिया।
थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र यादव ने बताया कि एसपी सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी नीतिश ठाकुर, एसडीओपी विजय राजपूत के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराने की कार्रवाई की गई।