चमोली सुरंग हादसा: अफसरों की बड़ी लापरवाही की वजह से 8 मजदूरों ने गंवाई जान ? मंत्री के सामने मजदूरों ने खोली पोल

एजेंसी । 13 अगस्त को उत्तराखंड के चमोली जिले की एक निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा भरने से 8 मजदूरों की मौत हो गई. कई मजदूर अभी भी जिंदगी की मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं.

अब इस हादसे को लेकर वहां करने वाले मजूदरों ने टनल का निर्माण कर रही कंपनी पर लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आपदा पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक के घटनास्थल पर पहुंचने के दौरान श्रमिकों ने कंपनी पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए. श्रमिकों का कहना है कि हादसे से पहले ही टनल में पानी का रिसाव हो रहा था, जिसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

👉आपदा मंत्री के सामने श्रमिकों ने खोली लापरवाही की पोल

मंत्री मदन कौशिक के सामने गौचर निवासी और टनल में काम करने वाले श्रमिक अंकुश ने बताया कि हादसे से पहले एक्सटर्नल में पानी का रिसाव हो रहा था. उन्होंने इसकी सूचना अपने सुपरवाइजर और अधिकारियों को दी थी. आरोप है कि इसके बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया.

👉पानी रिसाव की शिकायत पर कार्रवाई होती तो बच सकती थी जान

अंकुश का कहना है कि यदि समय रहते पानी के रिसाव को लेकर उचित कदम उठाए जाते तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था. उन्होंने कंपनी पर श्रमिकों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया. हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं.

👉डीएम बोले- मामले की मजिस्ट्रेट जांच होगी

मामले में जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री और आपदा पुनर्वास मंत्री के निर्देशों के बाद घटना की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे, जिसके बाद हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच की जाएगी.

इधर श्रमिकों की शिकायत पर आपदा पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. जिस अधिकारी की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ गंभीरता से सोचा जाएगा.

👉टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के टनल में हुआ हादसा

मालूम हो कि उत्तराखंड के चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में पानी एवं मलबा घुसने से 8 लोगों की मौत हो गई थी. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन. के. जोशी ने बताया कि हादसे के समय सुरंग में कुल 22 कर्मचारी मौजूद थे.

गुरुवार रात भर चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सुरंग से 19 लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से सात लोगों की मौत हो गई और तीन लापता लोगों की तलाश जारी है.

👉2023 के उत्तरकाशी सुरंग हादसे की यादें हुई ताजा

इस घटना ने नवंबर 2023 में उत्तरकाशी जिले की निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में हुए हादसे की याद ताजा कर दी. उस समय 12 नवंबर को सुरंग का एक हिस्सा ढहने से 41 मजदूर अंदर फंस गए थे. केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से करीब 17 दिन तक व्यापक बचाव अभियान चलाया था. सभी 41 मजदूरों को 28 नवंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था.