बिहार। लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच बिजली का तार गिरने की अफवाह फैलते ही अचानक भगदड़ मच गई। हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
👉बिजली का तार गिरने की अफवाह से मची भगदड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह मंदिर परिसर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कतार में लगी थी। इसी दौरान बिजली का तार गिरने की अफवाह तेजी से फैली। अफरा-तफरी में लोग सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर गए।
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, सुबह करीब 6:40 से 6:45 बजे के बीच खेत की तरफ लगी बैरिकेडिंग भीड़ के दबाव में टूट गई। प्रशासन के अनुसार, दो ट्रेनों के रुकने से भी अचानक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर की ओर पहुंचे थे।
👉4 मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, अब तक चार मृतकों की पहचान हुई है। इनमें 55 वर्षीय हेमलता, ललिता देवी, 50 वर्षीय रिंकू देवी और 44 वर्षीय मनमाला देवी शामिल हैं। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
👉प्रत्यक्षदर्शी ने लगाए गंभीर आरोप
मोकामा से मंदिर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शी विनोद कुमार ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रवेश द्वार पर करीब 100 लोग जबरदस्ती अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। धक्का-मुक्की के दौरान बांस की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग ढलान पर गिरते चले गए।
विनोद कुमार के मुताबिक, उनकी पत्नी भीड़ में दब गईं, जबकि उनकी एक बेटी के लापता होने की बात सामने आई है।
👉सीएम ने जताया दुख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के बेहतर एवं त्वरित इलाज के निर्देश दिए।
👉लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है अशोकधाम
लखीसराय का अशोकधाम यानी इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। मंदिर की खास पहचान यहां स्थापित विशाल काले पत्थर के शिवलिंग को लेकर है।
