मोहला -मानपुर । नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित नक्सल पुनर्वास नीति के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के 5 नक्सल पीड़ित परिवारों के पात्र सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान की गई है। जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर तनुजा सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

👉आदिवासी विकास विभाग के आश्रम-छात्रावासों में मिली नियुक्ति
नक्सल पीड़ित परिवारों के पांच सदस्यों की नियुक्ति आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आश्रमों और छात्रावासों में भृत्य पद पर की गई है। नियुक्ति पत्र पाने वालों में शामिल हैं- रवि दुग्गा, अजय कुमार सलामे, दिलसाय कोरेटी, समीला पूड़ो और पायल ईश्वर पूड़ो को शासकीय सेवा का अवसर मिलने से इन परिवारों को नियमित रोजगार के साथ आर्थिक स्थिरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद मिली है।
👉पुनर्वास नीति से मिल रहा नया संबल
नक्सल पुनर्वास नीति का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। पात्र परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा का अवसर मिलना सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे प्रभावित परिवारों में भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है और आत्मनिर्भर जीवन की राह भी प्रशस्त हुई है।
👉’सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, जिम्मेदारी भी’
कलेक्टर तनुजा सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासकीय सेवा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और शासन के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है।
उन्होंने कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। कलेक्टर ने कहा कि कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करें तथा आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासकीय सेवा के माध्यम से नवनियुक्त कर्मचारी न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य की नींव भी रखेंगे।
