KORBA : NTPC में बड़ा तकनीकी संकट, PGCIL की टेस्टिंग में आया बड़ा फॉल्ट , 7 यूनिट एक साथ हुई ट्रिप ,2 घण्टे तक छाया अंधेरा,करोड़ों के नुकसान की आशंका…

कोरबा।बिजली उत्पादन के लिहाज से देश के प्रमुख बिजली संयंत्रों में शामिल NTPC कोरबा में शुक्रवार को उस समय बड़ा तकनीकी व्यवधान सामने आया, जब PGCIL बे के ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान विद्युत फॉल्ट हो गया। फॉल्ट के कारण NTPC कोरबा की सभी 7 यूनिटें एक साथ ट्रिप हो गईं।

यूनिटों के अचानक ट्रिप होने से कोरबा समेत आसपास के क्षेत्रों में करीब डेढ़ घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद NTPC का तकनीकी अमला यूनिटों को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने में जुट गया।

👉टेस्टिंग के दौरान आखिर हुआ क्या?

NTPC कोरबा के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के अनुसार, PGCIL द्वारा PGCIL बे के ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान विद्युत फॉल्ट की घटना हुई। इसके चलते NTPC कोरबा की सभी यूनिटें ट्रिप हो गईं।
फॉल्ट के बाद अधिकारियों और तकनीकी टीम ने तत्काल यूनिटों को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया शुरू की। NTPC के मुताबिक, सभी यूनिटों को रिवाइव करने का काम जारी है और इसके देर रात
तक पूरा होने की संभावना है।

👉₹100 करोड़ के नुकसान की आशंका, आकलन बाकी

सातों यूनिटों के एक साथ ट्रिप होने और बिजली उत्पादन प्रभावित रहने के कारण करीब ₹100 करोड़ के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक राशि कितनी है, इसका स्पष्ट आकलन यूनिटों के सामान्य रूप से चालू होने के बाद ही सामने आएगा।

👉डेढ़ घंटे तक अंधेरा, उठे कई सवाल

घटना के बाद PGCIL बे की टेस्टिंग प्रक्रिया और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर टेस्टिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ कि NTPC की सभी 7 यूनिटें एक साथ ट्रिप हो गईं? क्या टेस्टिंग के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था? फॉल्ट के कारण बिजली उत्पादन और ग्रिड व्यवस्था पर कितना असर पड़ा? इन सवालों के जवाब तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
फिलहाल NTPC की तकनीकी टीम यूनिटों को सामान्य स्थिति में लाने के प्रयास में जुटी हुई है। NTPC की ओर से देर रात तक स्थिति सामान्य होने की संभावना जताई गई है।