KORBA : सरकारी जमीन पर मनमाना राखड़ डंपिंग पर 90 लाख का लगा अर्थदंड, जिम्मदारों पर कार्रवाई के लिए कतरा रहा NTPC प्रबंधन ! …

कोरबा। NHAI को सड़क निर्माण के लिए भेजी जा रही एनटीपीसी की फ्लाई ऐश रास्ते में सरकारी जमीन पर डंप किए जाने के मामले में पर्यावरण विभाग ने एनटीपीसी प्रबंधन पर 90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके बावजूद इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर प्रबंधन की ओर से कोई पहल सामने नहीं आई है।

मामले में एनटीपीसी के एजीएम शशि शेखर का कहना है कि ट्रांसपोर्टिंग एनटीपीसी की जिम्मेदारी में नहीं है। हमने NHAI को जिम्मा दे दिया है और इसमें एनटीपीसी का कोई हाथ नहीं है। हालांकि जुर्माने के भुगतान और कंपनी को हुए आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी तय करने पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
बताया दें कि पिछले दिनों छुरीखुर्द के पास चार ट्रकों में करीब 200 टन फ्लाई ऐश सरकारी जमीन पर डंप की जा रही थी। पर्यावरण विभाग ने रात में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और एनटीपीसी पर 90 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई।
क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी श्री प्रसन्ना का कहना है कि विभाग राख लेने वाले या ट्रांसपोर्टर को नहीं, बल्कि एनटीपीसी प्रबंधन को जानता है। उनके अनुसार कंपनी की जिम्मेदारी है कि उसके यहां से निकलने वाली राख का उचित निस्तारण हो और वह निर्धारित स्थान तक पहुंचे। इसी आधार पर प्रथम दृष्टि में एनटीपीसी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की गई है।

👉 NHAI की निगरानी, निर्माण और भुगतान पर भी सवाल

मामले में अब NHAI की निगरानी और भुगतान व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। सड़क निर्माण के लिए जिस मात्रा में फ्लाई ऐश की खपत होनी है, यदि उसका एक हिस्सा रास्ते में ही डंप हो रहा है तो तय स्थान पर वास्तविक रूप से कितनी राख पहुंच रही है, इसका हिसाब कैसे रखा जा रहा है?
एनटीपीसी से लोड होकर निकलने वाली राख तय गंतव्य तक पहुंची या नहीं, ट्रांसपोर्टरों को किस आधार पर भुगतान किया जा रहा है और डंपिंग की निगरानी कौन कर रहा है, इन सवालों की जांच जरूरी है।
90 लाख रुपए के जुर्माने के बाद अब देखना यह है कि एनटीपीसी प्रबंधन केवल जुर्माना भरकर मामले को खत्म करता है या फिर राख परिवहन में हुई लापरवाही की जिम्मेदारी भी तय करता है।

सोर्स -Satysanvad.com