0 2600 मेगावॉट क्षमता वाले प्लांट की 4 इकाइयों की बहाली बाकी
कोरबा। एनटीपीसी कोरबा में शुक्रवार शाम ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान हुए इलेक्ट्रिकल फॉल्ट से सातों जनरेटिंग यूनिट के एक साथ ट्रिप होने के बाद शनिवार को बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ी। दोपहर 2 बजे तक 500-500 मेगावॉट की दो और 200 मेगावॉट की एक यूनिट सफलतापूर्वक चालू कर दी गई। शेष चार यूनिटों को भी सुरक्षा और ऑपरेशनल मानकों के तहत क्रमवार शुरू करने का काम जारी है।

शुक्रवार शाम पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) के बे में ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान इलेक्ट्रिकल फॉल्ट हुआ था। इसके बाद सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हुई और एनटीपीसी कोरबा की 500 मेगावॉट क्षमता वाली चार तथा 200 मेगावॉट की तीनों इकाइयां एक साथ ट्रिप हो गईं। इससे संयंत्र की पूरी 2,600 मेगावॉट उत्पादन क्षमता प्रभावित हो गई थी। ब्लैकआउट के बाद तकनीकी टीम ने यूनिटों की जांच और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत बहाली का काम शुरू किया। शनिवार दोपहर तक तीन इकाइयों को फिर से उत्पादन में ले लिया गया। शेष चार इकाइयों को चालू करने से पहले आवश्यक तकनीकी जांच और सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
सातों यूनिट के एक साथ बंद होने की वजह बने इलेक्ट्रिकल फॉल्ट के कारणों की जांच की जा रही है। घटना के दौरान पीजीसीआईएल बे के ब्रेकर की टेस्टिंग चल रही थी। फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षित तरीके से शेष यूनिटों को बहाल करने की है। मध्य और पश्चिम भारत के सात राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को बिजली देने वाले इस संयंत्र में सात इकाइयां हैं। ऐसे में सभी इकाइयों का एक साथ ट्रिप होना एनटीपीसी कोरबा के लिए बड़ा तकनीकी व्यवधान माना जा रहा है।
