कोरबा । सोशल मीडिया पर वायरल होने और लाइक्स-कमेंट्स बटोरने की सनक अब किस हद तक पहुंच रही है, इसका एक चौंकाने वाला मामला कोरबा से सामने आया है। यहां एक महिला ने सड़क, बाजार या किसी पर्यटन स्थल पर नहीं, बल्कि सीधे कोतवाली थाना परिसर में पहुंचकर रील बनाई और उसे सोशल * मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वायरल वीडियो को लेकर अब कोतवाली पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। महिला ने कोतवाली थाना के मेन गेट और ‘संवेदना कक्ष’ के सामने खड़े होकर फिल्मी अंदाज में गाने की धुन पर वीडियो शूट किया। वीडियो में ‘आज जेल होई… कल बेल होई… परसों से उहे खेल होई’ जैसे बोल सुनाई दे रहे हैं।

जानकारी मुताबिक कोतवाली थाना में शूट किया गया ये वीडियों ‘ नाम से संचालित इंस्टाग्राम पेज पर ।। सितंबर 2026 की शाम करीब 6 और 7 बजे के आसपास कोतवाली थाना परिसर में शूट किए गए वीडियो बैक टू बैक अपलोड किए गए। वीडियो में महिला अलग-अलग अंदाज में कैमरे के सामने नजर आ रही है। यानी जिस जगह पर आम लोगों की शिकायतें दर्ज होती हैं, अपराध से जुड़े मामलों की जांच होती है और पुलिस कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालती है, उसी थाना परिसर को रील शूट के लिए इस्तेमाल किए जाने ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल सिर्फ महिला के रील बनाने का नहीं, बल्कि यह भी है कि थाना परिसर में वीडियो शूट होता रहा और इसकी जानकारी थाने में मौजद किसी भी पुलिसकर्मी को नहीं हो सकी। अगर वीडियो में दिखाई दे रहा थाना परिसर वही है और वीडियो वहीं शूट किया गया है, तो यह पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। थाना परिसर में आम लोगों की आवाजाही और सुरक्षा के बीच किसी व्यक्ति को रील शूट करने की अनुमति कैसे मिली यह भी जांच का विषय हो सकता है।
👉’वायरल’ होने की चाह में कानून की मर्यादा भी पीछे

सोशल मीडिया ने आम लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है, लेकिन इसके साथ वायरल होने की होड़ भी बढ़ी है। कुछ सेकंड के वीडियो के लिए लोग ऐसे स्थानों और परिस्थितियों को भी चुन रहे हैं, जहां सामान्य तौर पर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने की उम्मीद नहीं की जाती। कोरबा का यह मामला इसी बदलती मानसिकता पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे में सवाल यहीं कि क्या कुछ लाइक्स और व्यूज के लिए थाना परिसर भी रील का सेट बन जाएगा? और अगर ऐसा होने लगे तो फिर कानून का डर और सरकारी संस्थानों की गरिमा कहां रह जाएगी ?
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर यह स्पष्ट होना बाकी है कि महिला ने किस परिस्थिति में थाना परिसर में प्रवेश किया, वीडियो कब और किसकी मौजूदगी में शूट हुआ तथा क्या इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई अनुमति दी गई थी ? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच या आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही साफ होगा। लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया पर वायरल होने की सनक अब इतनी बढ़ गई है कि लोग पुलिस थाने जैसे संवेदनशील स्थान की मर्यादा को भी नजरअंदाज करने लगे हैं? कोरबा के इस मामले में अब नजर इस बात पर रहेगी कि कोतवाली पुलिस वायरल वीडियो को लेकर क्या संज्ञान लेती है और थाना परिसर में हुई इस टील शूटिंग पर क्या कार्रवाई करती है, ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।
