रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में अभ्यर्थियों को अलग-अलग परीक्षाओं के लिए शहर के अलग-अलग केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
राज्य सरकार अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी (PRSU) कैंपस में 25 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य और अत्याधुनिक परीक्षा केंद्र बनाने जा रही है। इस नए केंद्र में हजारों अभ्यर्थी एक साथ बैठकर परीक्षा दे सकेंगे।
👉जिला प्रशासन ने किया जमीन का चयन

मिली जानकारी के अनुसार, इस महा-परीक्षा केंद्र के निर्माण के लिए जमीन चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हाल ही में जिला प्रशासन के अधिकारियों की टीम ने यूनिवर्सिटी परिसर का जायजा लिया। इस संबंध में रायपुर के एसडीएम नंद कुमार चौबे ने बताया कि इस विशेष परीक्षा केंद्र के लिए राज्य बजट में पहले ही प्रावधान किया गया था। अब रायपुर के रविशंकर यूनिवर्सिटी के कुलपति (Vice-Chancellor) के साथ मिलकर परिसर के भीतर ही उपयुक्त जगह का चयन कर लिया गया है।
👉एक ही छत के नीचे होंगी CGPSC, UPSC और व्यापमं जैसी परीक्षाएं
इस सर्वसुविधायुक्त परीक्षा केंद्र का निर्माण जल्द ही शुरू होने की संभावना है। इस केंद्र के तैयार हो जाने के बाद एक ही छत के नीचे CGPSC, UPSC, व्यापमं (Vyapam) के साथ-साथ NEET और JEE जैसी तमाम बड़ी और महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी। इससे जहां एक तरफ प्रशासनिक स्तर पर समय और संसाधनों की बचत होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के दूर-दराज के जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को भी शहर-दर-शहर भटकना नहीं पड़ेगा। राज्य के किसी भी कोने से आने वाले छात्र सीधे राजधानी पहुंचकर बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे पाएंगे।
परीक्षा की तैयारी कर रही यामिनी वर्मा ने बताया, “अक्सर परीक्षा देने के लिए कभी एक शहर तो कभी दूसरे शहर जाना पड़ता है। यह समस्या केवल कॉम्पिटिटिव एग्जाम वालों के लिए ही नहीं, बल्कि नीट और जेईई के स्कूली छात्रों को भी झेलनी पड़ती है।
राजधानी के रविशंकर परिसर में ऐसा व्यवस्थित केंद्र बनने से छात्रों को बहुत बड़ी सहूलियत मिलेगी।”
वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी प्रद्युन जोशी ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा, “यह व्यवस्था तो सालों पहले ही बन जानी चाहिए थी, लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। उम्मीद है कि इसका निर्माण तेजी से पूरा होगा, ताकि हजारों छात्रों को हर बार नया परीक्षा केंद्र तलाशने में समय और पैसा न गंवाना पड़े।”
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत और बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय जुड़ेगा, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के लाखों युवाओं को
