0 पंचायत विभाग के साथ-साथ करीब 29 विभागों के 200 से अधिक प्रकार के कार्यों का दायित्व निभा रहे पंचायत सचिव
कोरबा । प्रदेश पंचायत सचिव संघ ने एक बार फिर पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की मांग तेज कर दी है। संघ के सह मीडिया प्रभारी एवं जिला पंचायत सचिव संघ कोरबा के प्रवक्ता गीतेन्द्र कुमार जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी पंचायत सचिवों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को ‘मोदी की गारंटी’ को धरातल पर उतारना चाहिए।

श्री जायसवाल ने कहा कि पंचायत सचिव, पंचायत विभाग के साथ-साथ करीब 29 विभागों के 200 से अधिक प्रकार के कार्यों का दायित्व निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, सोलर योजना सहित अनेक ग्रामीण विकास योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में पंचायत सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
उन्होंने बताया कि पंचायत सचिवों के शासकीयकरण का वादा भाजपा के जनघोषणा पत्र और ‘मोदी की गारंटी’ में शामिल था, जिसमें 100 दिनों के भीतर मांग पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। इसी मांग को लेकर 7 जुलाई 2024 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित पंचायत सचिव पदस्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में प्रदेशभर से 10 हजार से अधिक पंचायत सचिव अपने परिवार सहित शामिल हुए थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने शासकीयकरण के लिए समिति गठित कर शीघ्र निर्णय लेने का भरोसा दिलाया था।
संघ के अनुसार, बजट 2025 में भी शासकीयकरण का लाभ नहीं मिलने से पंचायत सचिवों में निराशा बढ़ी, जिसके बाद प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन किया गया। शासन-प्रशासन के साथ हुई चर्चा में वर्ष 2026 में पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने तथा शासकीय कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने पर सहमति बनने के बाद आंदोलन स्थगित किया गया था। अब संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की घोषणा कर लंबे समय से किए गए वादे और भरोसे को पूरा
