मुंबई । सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच में एक नई और रहस्यमयी कड़ी सामने आई है। सीबीआई द्वारा दर्ज की गई नई प्राथमिकी (FIR) के बाद खुलासा हुआ है कि 8 जून 2020 की रात दिशा को अस्पताल लाने वाले तीन लोगों में दो पुरुषों के अलावा एक अज्ञात महिला भी शामिल थी।

अस्पताल में तैनात कांस्टेबल संतोष कचिरत गुनगुने के 15 जून 2020 के बयान के अनुसार, डॉक्टर ने पुष्टि की थी कि दो पुरुष और एक महिला दिशा को अस्पताल लाए थे। जहां दोनों पुरुषों की पहचान हिमांशु शिखारे और इंद्रनील वैद्य के रूप में हो चुकी है, वहीं उस महिला का नाम अब तक किसी भी सरकारी रिकॉर्ड में नहीं मिला है।
बॉम्बे हाईकोर्ट की इजाजत के बाद सीबीआई ने इस मामले में दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज कर औपचारिक एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली सीबीआई के डीएसपी पूरन सिंह को जांच की कमान सौंपी गई है। एफआईआर में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे, अभिनेता सूरज पंचोली और डिनो मोरिया के नाम शामिल हैं। सतीश सालियान ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों ने साजिश रचकर मामले को दबाने में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों पर सबूत मिटाने, आधिकारिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने और सार्वजनिक साधनों का दुरुपयोग कर आरोपियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।
इसके अलावा, बयान में देरी से पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर संजय जाधव, कलिना फॉरेंसिक लैब के अधिकारी एनपी भाले, रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड्स (सुशील कुमार यादव और शिवमुराद गौतम) और पूर्व एसआईटी अधिकारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में गरमाए इस विवादित मामले में सीबीआई अब तमाम आरोपों, उपलब्ध दस्तावेजों और गवाहों के बयानों की नए सिरे से गहन जांच करेगी।
