कोरबा। जिले में ₹2,000 से अधिक के UPI व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR को लेकर व्यापारी संगठन ने विरोध जताया है। जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस शुल्क को वापस लेने या MDR को शून्य रखने की मांग की है।

चेंबर ऑफ कॉमर्स का कहना है कि UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और तेज बनाया है, लेकिन ₹2,000 से अधिक के व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होने से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
चेंबर ने कहा कि भले ही यह शुल्क सीधे ग्राहकों से नहीं लिया जाए, लेकिन इसका असर व्यापारियों की लागत पर पड़ेगा। संगठन ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI को शून्य-MDR व्यवस्था में बनाए रखने की मांग की है।
चेंबर प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से ज्ञापन को प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित केंद्रीय मंत्रालय तक भेजने का आग्रह किया।
ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष योगेश जैन, पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर माखीजा, महामंत्री नरेंद्र अग्रवाल, नरेश अग्रवाल सहित चेंबर पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। व्यापारियों ने संदेश दिया- “UPI रहे सरल, व्यापार रहे सुगम और व्यापारी हित में MDR हो शून्य।”
