0 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली.
खेल। वेस्टइंडीज ने बुधवार (30 सितंबर) को गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में 405/7 का विशाल स्कोर बनाया था, लेकिन शुभमन गिल और रोहित शर्मा की तूफानी बल्लेबाजी के सामने यह लक्ष्य भी छोटा पड़ गया. भारत ने सिर्फ 43.3 ओवर में 406/2 बनाकर 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया और तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली.
यह 400+ लक्ष्य का सिर्फ दूसरा सफल चेज है. इससे पहले 2006 में साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438 रन का लक्ष्य हासिल किया था.

कप्तान शुभमन गिल ने ऐसी पारी खेली, जो ODI रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई. उन्होंने 117 गेंदों में डबल सेंचुरी पूरी की, जो 50 ओवर के क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक है. गिल ने अपनी पारी में 133 गेंदों का सामना करते हुए 26 चौके और 8 छक्के लगाए.
गिल ने इस दौरान ईशान किशन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा. ईशान ने 126 गेंदों में ODI डबल सेंचुरी पूरी की थी. गिल का यह ODI में 11वां शतक भी था, जिसे उन्होंने सिर्फ 62 गेंदों में पूरा किया. यह वनडे में उनका सबसे तेज शतक रहा.
रोहित ने भी जड़ा शतक
दूसरे छोर पर रोहित शर्मा ने अपने पुराने अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने पुल और पिक-अप शॉट्स के साथ ऑफ साइड में शानदार ड्राइव लगाए और 75 गेंदों में 101 रन बनाए.
रोहित ने इस पारी के दौरान ODI क्रिकेट में 12,000 रन भी पूरे किए. वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के सिर्फ सातवें बल्लेबाज और सचिन तेंदुलकर तथा विराट कोहली के बाद तीसरे भारतीय बने. शतक पूरा करने के बाद रोहित ने अपने अंदाज से अलग उछलकर जश्न मनाया.
👉255 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप, भारत की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी …

गिल और रोहित ने शुरुआत से ही वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. भारत ने 12 ओवर के अंदर 100 रन पूरे कर लिए. गिल ने 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि रोहित ने सिर्फ 32 गेंदों में फिफ्टी जड़ दी.
22वें ओवर तक भारत का स्कोर बिना विकेट खोए 200 रन हो गया. 350 से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी ODI में पहली बार किसी ओपनिंग जोड़ी ने 200 रन पूरे किए.

दोनों ने पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़े. यह साझेदारी 26.2 ओवर में टूटी, जब रोहित 101 रन बनाकर आउट हुए. उस समय भारत को जीत के लिए 151 रन और चाहिए थे और 24 ओवर बाकी थे. गिल ने इसके बाद भी रफ्तार कम नहीं होने दी और भारत को लक्ष्य तक पहुंचाकर ही दम लिया.


👉पहले विंडीज ने भी मचाया था तूफान
इससे पहले वेस्टइंडीज ने भारतीय गेंदबाजों की अनुभवहीन पेस अटैक की पोल खोलते हुए 405/7 का स्कोर बनाया था. जॉन कैम्पबेल ने 68 गेंदों में 101, शाई होप ने 94 गेंदों में 104 और आमिर जांगू ने 77 गेंदों में 114 रन बनाए.
कैम्पबेल ने सिर्फ 65 गेंदों में शतक पूरा किया था. क्रिस गेल के प्रशंसक कैम्पबेल ने उनकी तरह आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और 9 चौके तथा 5 छक्के लगाए.
होप को 27 रन पर विराट कोहली ने शॉर्ट मिडविकेट पर कैच छोड़ दिया था. इसके बाद उन्होंने पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाए. उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के रहे.
जंगू ने सिर्फ 69 गेंदों में अपना दूसरा ODI शतक पूरा किया. उनके बल्ले से 13 चौके और 3 छक्के निकले. वेस्टइंडीज ने पहली बार किसी ODI में तीन शतक लगाने का कारनामा किया और अपना पिछला सर्वश्रेष्ठ 389 रन का स्कोर भी पीछे छोड़ दिया.
गेंदबाजों के लिए फिर सवाल
जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी और मोहम्मद सिराज के नहीं खेलने के बीच भारत ने युवा गेंदबाजों को मौका दिया, लेकिन प्रदर्शन सवाल छोड़ गया. आकिब नबी ने 8.5 ओवर में 84 रन दिए. वह ODI डेब्यू पर किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाज बन गए.
गुरनूर बरार ने 10 ओवर में 96 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 ओवर में 45 रन देकर एक विकेट लिया. नमन धीर को भी गेंदबाजी के दौरान टखने की चोट लगी और 6.1 ओवर के बाद वह मैदान से बाहर चले गए.
भारत के लिए राहत की बात यह रही कि कुलदीप यादव ने 2/65 लेकर ODI में अपने 200 विकेट पूरे किए. रवींद्र जडेजा ने भी 2/75 का प्रदर्शन किया.
👉सबसे तेज ODI डबल सेंचुरी
117 गेंद – शुभमन गिल vs वेस्टइंडीज, गुवाहाटी, 2026
126 गेंद – ईशान किशन vs बांग्लादेश, चटगांव, 2022
128 गेंद – ग्लेन मैक्सवेल vs अफगानिस्तान, वानखेड़े, 2023
136 गेंद – पथुम निसांका vs अफगानिस्तान, पल्लेकेले, 2024
138 गेंद – क्रिस गेल vs जिम्बाब्वे, कैनबरा, 2015
👉ODI में भारत के लिए सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप
258 तेंदुलकर-गांगुली बनाम केन पार्ल 2001
255 रोहित-गिल गुवाहाटी 2026
252 तेंदुलकर-गांगुली बनाम SL कोलंबो RPS 1998
231 शिखर-रहाणे बनाम SL कटक 2014
वहीं इस मुकाबले से पहले तक भारतीय टीम ने 8 बार 400 प्लस का स्कोर बनाया था, लेकिन यह सभी स्कोर भारतीय टीम ने पहली पारी में खेलते हुए बनाए थे. भारत साउथ अफ्रीका के बाद दूसरी ऐसी टीम बन गई जिसने वनडे इतिहास में 400 प्लस का स्कोर चेज किया हो.
