दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे करीब 300 लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। पीटीआई के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और मजदूर शामिल हैं। वहीं, प्रदर्शन से पहले कंटेंट क्रिएटर्स और अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली के सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के साथ निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
👉दिल्ली में 10 अक्टूबर को क्या हो रहा है?
दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर हैं। संगठन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों में कथित हेरफेर के आरोपों को लेकर प्रस्तावित था।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद भी कई लोगों ने जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। नई दिल्ली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण जमावड़े और जुलूस पर पाबंदियां लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
👉करीब 300 प्रदर्शनकारी हिरासत में, कंटेंट क्रिएटर्स पर भी कार्रवाई

खबर लिखे जाने तक पीटीआई के अनुसार, जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे करीब 300 लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिए गए लोगों में एक प्रतिशत भी विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और मजदूर शामिल हैं।
धौला कुआं समेत कई इलाकों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों और कंटेंट क्रिएटर्स को हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई का दायरा उन लोगों तक भी बढ़ाया गया, जिन पर भीड़ जुटाने या दूसरे लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का संदेह था।
हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पहचान, उनकी संख्या और उनके खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई का पूरा विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को एक ही कुल आंकड़े में जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
👉600 से अधिक लोगों पर एहतियाती कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के सभी 15 जिलों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 600 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। पुलिस को आशंका थी कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई।
भीड़ जुटाने या लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाने के संदेह वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। कुछ लोगों के घरों के बाहर निगरानी बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस की ओर से इन कार्रवाइयों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की कवायद बताया गया है।
👉जंतर-मंतर और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और वहां तक पहुंचने वाले प्रमुख रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस नई दिल्ली क्षेत्र में भीड़ की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी संभावित तनाव या अव्यवस्था को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के बयान के अनुसार, राजधानी में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि अब तक उपद्रव, मारपीट या हिंसा जैसी स्थिति उत्पन्न होने की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी जारी रखी गई है।
