KORBA : शराब के नशे में धुत्त बेटे ने की सरेराह गलती , फटकारने की बजाय पुलिस से ही उलझ पड़ी आरोपी

0 महिला पर गैर जमानती धाराओं व एक्ट्रोसिटी एक्ट के जुर्म दर्ज

कोरबा। शराब के नशे में बेटे ने सरेराह गलती की। जब मामला थाना पहुंचा और पुलिस ने शराबी पर कार्रवाई शुरू की तो थाना आ धमकी उसकी मां ने बेटे की गलती पर उसे फटकारने और पीड़ित से माफी मंगवाने की बजाय पुलिस को ही धमकाने लगी। बेटे को थाना से जबरदस्ती ले जाने पर जब पुलिस कर्मियों ने रोका तो उनसे हुज्जतबाजी पर उतर आई। प्रशिक्षु साई थाना प्रभारी से मारपीट पर कर बैठी। अंततः महिला के विरुद्ध विभिन्न गैर जमानती धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। साथ ही उसके शराबी बेटे के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।

यह घटनाक्रम बालकोनगर थाना में हुआ जिसकी रिपोर्ट पीड़िता प्रशिक्षु थाना प्रभारी ने स्वयं दर्ज कराई है। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना दिनांक 09 अक्टूबर 2026 की रात्रि वे और अन्य सभी स्टाफ अपने-अपने थाना के शासकीय कार्य में व्यस्त थे। रात्रि करीब 8 बजे श्रीमति गीता महंत, श्रीमति दुर्गा सिंह , श्रीमति पुष्पा पात्रे, श्रीमति ममता बाई पनिका थाना आईं। उन्हीं के साथ अजय यादव निवासी सेक्टर 5 बालको अपने मोटर सायकल में आया। गीता महंत के द्वारा पुलिस को बताया गया कि रात्रि करीब 7.20 बजे परसाभांठा बाजार चौक के पास अजय यादव अपने मोटर सायकल हीरो स्प्लेण्डर प्लस क्रमांक CG 12 BE 5946 को शराब के नशे में चलाते हुए आकर उसके बहुत करीब से निकला।मोटर सायकल इसके चुनरी से टच हुआ तथा इसके पैर के ऊपर मोटर सायकल चढ़ते-चढ़ते बचा। महिला उसे बोली कि भैया अपने मोटर सायकल को देखकर चलाओ तो अजय यादव ने उससे वाद-विवाद व अभ्रद व्यवहार किया। इसके बाद महिलाएं घटना की सूचना देने थाना आये। गीता महंत के द्वारा हालात बताने पर अजय यादव को ब्रिथ एनालाईजर मशीन में फुंकवाया गया जो 169mg/100ml मात्रा में शराब का सेवन करना पाया गया। अजय यादव के द्वारा शराब के नशे में मोटर सायकल चलाते पाये जाने पर उसके विरूद्ध धारा 185 एमव्ही एक्ट के तहत कार्यवाही किया जा रहा था। इसी दौरान अजय यादव की मां रानी यादव थाना आकर, मेरे बेटा के विरूद्ध कैसे कार्यवाही करोगे,यह दस्तखत नहीं करेगा, जिसको जो उखाड़ना है उखाड़ ले मैं अपना बेटा को लेकर जा रही हूं, कहकर अजय यादव को ले जाने लगी। रानी यादव को थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस स्टाफ के द्वारा समझाईश दिया गया कि लिखा- पढ़ी के बाद ले जाना। तब रानी धमकाने लगी कि कौन लिखा-पढ़ी करेगा, कैसे-लिखा पढ़ी करेगा तथा जोर-जोर से चिल्लाते हुए थाना में हंगामा करने लगी। थाना के स्टाफ एवं विभिन्न कार्यो से थाना में आये हुए व्यक्तियों को व्यवधान हुआ। प्रशिक्षु थाना प्रभारी एवं अन्य स्टाफ के द्वारा समझाने पर रानी यादव के द्वारा तू …….,तू कौन होती है बोलने वाली कहते हुए थाना प्रभारी को सबके सामने गाली देते हुए भयाक्रांत करने के लिए अचानक हमला कर दाहिना हाथ को पकड़कर मरोड़ दी जिससे दाहिना हाथ के अंगूठा में चोट लगा एवं दाहिना हाथ की कलाई में रानी के नाखून का चोट लगा। रानी यादव के द्वारा थाना प्रभारी एवं थाने के अन्य स्टाफ से भी विवाद करते हुए सभी के शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाया गया। उसकी इन हरकतो को देखकर थाना आयी श्रीमति गीता महंत, श्रीमति दुर्गा सिंह , श्रीमति पुष्पा पात्रे, श्रीमति ममता बाई पनिका वापस अपने घर चली गई। रानी यादव के विरूद्ध पीएसआई ईश्वरी राज की रिपोर्ट पर धारा 121, 132, 221, 296-BNS तथा एक्ट्रोसिटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसे न्यायालय पेश किया जा रहा है।