नई दिल्ली । दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद उनकी स्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दिए गए विवरण के मुताबिक, मार्च के बाद कई घंटे तक नेहा से संपर्क नहीं हो पाने पर विपक्षी नेताओं और छात्र संगठन ने सवाल उठाए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के बारे में भी जानकारी नहीं मिलने की बात कही गई है। नेहा बोरा का पता लगाने और उनकी रिहाई की मांग को लेकर AISA का प्रतिनिधिमंडल एनी राजा के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें थाने के अंदर जाने से रोक दिया। संगठन के सदस्य नेहा के ठिकाने की जानकारी मांग रहे हैं।


दिल्ली: AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के वकील एडवोकेट माणिक गुप्ता ने कहा, “मैं आज पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने आया हूं। मेरी मुवक्किल नेहा बोरा लापता हैं और उनके ठिकाने के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। उनके पास फोन भी था, ऐसा लगता है कि पुलिस ने वह भी ले लिया है। मैं मीडिया के माध्यम से पुलिस को याद दिलाना चाहता हूं कि सूर्यास्त के बाद किसी महिला को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया जा सकता। हम एसीपी, डीसीपी और एसएचओ से यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि नेहा बोरा कहां हैं, लेकिन किसी के पास कोई जवाब नहीं है…”
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 16, 2026
नेहा बोरा के ठिकाने को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हिरासत में ली गई नेहा बोरा कहां हैं, इसकी जानकारी सामने नहीं आना गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस से उनके ठिकाने का खुलासा करने और राष्ट्रीय महिला आयोग से मामले का संज्ञान लेने की अपील की। अखिलेश ने नेहा की तत्काल रिहाई की मांग भी की। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और माकपा सांसद जॉन ब्रिटास समेत अन्य नेताओं ने भी नेहा बोरा और अभिजीत दीपके की हिरासत पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने दोनों की रिहाई की मांग की है।
👉वकील ने थाने में शिकायत देने की बात कही
नेहा बोरा के वकील एडवोकेट माणिक गुप्ता के मुताबिक, वह संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि नेहा से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनके ठिकाने के बारे में भी जानकारी नहीं दी जा रही है। वकील ने पुलिस अधिकारियों से नेहा की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। वहीं, AISA के प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि वह नई दिल्ली के डीसीपी से मिलकर जानकारी लेना चाहता है, लेकिन उसे थाने के अंदर जाने से रोका गया। ये आरोप संगठन और नेहा के वकील की ओर से लगाए गए हैं। खबर लिखे जाने तक उपलब्ध जानकारी में दिल्ली पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
👉तिरंगा मार्च को लेकर क्या है पूरा विवाद ?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने निषेधाज्ञा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए मार्च को रोकने की कार्रवाई की। इस दौरान अभिजीत दीपके, नेहा बोरा और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। फिलहाल विवाद के केंद्र में दो सवाल हैं: हिरासत में लिए गए नेताओं को कहां रखा गया है और उनके परिवार, वकीलों तथा संगठन के प्रतिनिधियों को उनसे संपर्क करने की जानकारी क्यों नहीं मिल पा रही है? इन सवालों पर पुलिस की आधिकारिक स्थिति सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
