CG : महासमुंद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी , खैर लकड़ी सिंडिकेट को किया बेनकाब ,2.51 करोड़ कैश समेत 70 टन लकड़ी जब्त ,हरियाणा -हिमांचल तक फैला था नेटवर्क …

महासमुंद । महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी की अवैध तस्करी, फर्जी एनओसी और बिलिंग के जरिए कथित तौर पर चल रहे अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की है। अब तक इस मामले में 2 करोड़ 51 लाख रुपये नकद और 70 टन खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। मामले में पहले भी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 70 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह रकम खैर लकड़ी की अवैध तस्करी से अर्जित की गई हो सकती है। मामले की जांच के तहत नकदी के स्रोत और कारोबार से उसके संबंधों की पड़ताल की जा रही है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लेकर आई है। आरोपी को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान हरियाणा के गुरुग्राम जिले के बहोड़ा कलां स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम से करीब 15 टन खैर लकड़ी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में कार्रवाई के दौरान कुल 70 टन खैर लकड़ी जब्त की गई है। इससे पहले सरसीवा में मनीष अग्रवाल के घर से 81 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। हिमाचल प्रदेश में जब्त 1.70 करोड़ रुपये को मिलाकर इस मामले में अब तक कुल 2.51 करोड़ रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं।

👉फर्जी बिल और ट्रांजिट पास से चल रहा था खेल

पुलिस की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि सिंडिकेट से जुड़ी फर्मों के माध्यम से बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए फर्जी बिल तैयार किए जाते थे। इसके बाद वन विभाग के कथित फर्जी ट्रांजिट पास का इस्तेमाल कर लकड़ी के परिवहन को वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस को संदेह है कि इस तरीके से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार को कागजों में वैध दिखाकर अलग-अलग राज्यों में उसका परिवहन किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब फर्जी दस्तावेजों, बिलिंग और लकड़ी की आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
इस मामले में पुलिस पहले ही मनीष अग्रवाल, पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल को गिरफ्तार कर चुकी है। अब सतपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के साथ-साथ कथित फर्जीवाड़े से अर्जित संपत्ति की भी जांच कर रही है।

👉कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच जारी

महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी और खैर लकड़ी की जब्ती के बाद अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे, फर्जी दस्तावेज कहां तैयार किए जाते थे और अवैध लकड़ी की आपूर्ति किन माध्यमों से की जा रही थी। जांच पूरी होने के बाद इस कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क को लेकर और खुलासे होने की संभावना है।