महासमुंद । जिले में एक सरकारी स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र की दर्दनाक मौत से हड़कंप मच गया। बसना विकासखंड के मुड़ीडीह शासकीय प्राथमिक स्कूल में पेड़ पर बंधे रस्सी के झूले में गला फंसने से छात्र की जान चली गई। घटना के वक्त स्कूल परिसर में कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं होने की बात सामने आई है। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल के प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक मृतक छात्र की पहचान तरुण चौहान के रूप में हुई है। वह मुड़ीडीह शासकीय प्राथमिक स्कूल में कक्षा चौथी में पढ़ता था। शुक्रवार सुबह वह निर्धारित समय से कुछ देर पहले स्कूल पहुंच गया था। इसी दौरान वह परिसर में एक पेड़ पर बंधे रस्सी के झूले में खेलने लगा। बताया जा रहा है कि खेलते समय अचानक उसका गला रस्सी में फंस गया। उस वक्त स्कूल परिसर में कोई शिक्षक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके चलते बच्चे को तत्काल मदद नहीं मिल सकी। कुछ महिलाएं जब स्कूल परिसर पहुंचीं, तो उन्होंने छात्र को रस्सी में फंसा देखा।
उन्होंने आनन-फानन में बच्चे को नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर भंवरपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि हादसे के समय स्कूल परिसर में कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
👉DEO ने प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक को किया निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने स्कूल के प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक गुणितराम चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया गया है कि स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जांच में दोनों शिक्षकों की लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल परिसर में बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और हादसे के वक्त वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद क्यों नहीं था? मामले में पुलिस की जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
